Home मेरठ हाईकोर्ट में एक दूसरे से निपटेंगे नगर निगम व आवास विकास
मेरठ

हाईकोर्ट में एक दूसरे से निपटेंगे नगर निगम व आवास विकास

हाईकोर्ट में एक दूसरे से निपटेंगे नगर निगम व आवास विकास

Share
हाईकोर्ट में एक दूसरे से निपटेंगे नगर निगम व आवास विकास
Share

नई सड़क खसरा 6041 में अवैध निर्माण को लेकर एफआईआर व नोटिस के बाद भी निगम ने जारी रखा काम, हाईकोर्ट में जनहित पर 16 जुलाई को सुनवाई याचिका

मेरठ। शहर के नई सड़क खसरा 6041 के मालिकाना हक को लेकर पहले से हाईकोर्ट में के चक्कर काट रहे नगर निगम के अफसर अब नई सड़क खसरा 6041 पर आवास विकास परिषद की अनुमति के बगैर तथा मानचित्र के बिना ही कथित रूप से अवैध निर्माण कराने के मामले में हाईकोर्ट में घसीट लिए गए हैं।दरअसल आरटीआई एक्टिविस्ट लोकेश खुराना ने इस संबंध में नगर निगम के खिलाफ जनहित याचिका दायर करायी है। इस याचिका में बगैर अनुमति और मानचित्र के नई सड़क खसरा 6041 पर कथित अवैध निर्माण की शिकायत की गयी है। हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई 16 जुलाई को होनी है।

नई सड़क खसरा 6041 पर कथित अवैध निर्माण को लेकर आवास विकास परिषद के अवर अभियंता की कलम से नगर निगम को दो बार नोटिस दिए जा चुके हैं। इन नोटिसों में योजना संख्या सात नई सड़क स्थित खसरा 6041 को आवास विकास परिषद के नोटिस में वर्जित भूमि बताया गया है। 9 दिसंबर 2025 में नगर निगम के निर्माण विभाग के चीफ को भेजे गए इस नोटिस में बिना अनुमति और बगैर मानचित्र कथित तौर पर अवैध रूप से भूतल व प्रथम तल का निर्माण किए जाने की बात कही गयी है। साथ ही तत्काल काम रोक दिए जाने को कहा गया है। लेकिन यह बात अलग है कि इसके बाद भी नगर निगम ने नई सड़क खसरा 6041 पर निर्माण कार्य बा-दस्तूर जारी रखा।

आवास विकास परिषद ने जिस दिन यानि 9 दिसंबर 2025 को जब नोटिस भेजा उसी दिन एक तहरीर भी नगर निगम के खिलाफ थाना नौचंदी पुलिस को देकर वर्जित भूमि पर अवैध निर्माण करने वाले भवन स्वामी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर भी दे दी। लेकिन तहरीर दिए जाने के बाद भी ना तो नौचंदी थाना पुलिस ने नई सड़क खसरा 6041 चल रहे काम को रुकवाने का प्रयास किया और ना ही नगर निगम द्वारा काम रोका गया। आरटीआई एक्टिविस्ट लोकेश खुरान की जनहित याचिका संख्या – 1416 / 2026 जो इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दायर की गयी है, उस पर सुनवाई 16 जुलाई को होनी है। लोकेश कुमार खुराना बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं 2 अन्य ….विपक्षीगण हैं। यह याचिका विपक्षी-नगर निगम द्वारा कथित अवैध निर्माण को रोकने के लिए दायर की गई है। विपक्षीगण के अधिवक्ता ने मुख्य सचिव द्वारा उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद अधिनियम, 1965 की धारा 38(5) के अंतर्गत पारित कार्यालय आदेश 23 मार्च 2026, जो विवादित भूमि से संबंधित है, रिकॉर्ड पर रखा है। जिसकी प्रति याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को दे दी गई है, जिन्होंने उसे पढ़ने के लिए समय मांगा है। याचिका पर सुनवाई न्यायमूर्ति चीफ जस्टिस अरुण भंसाली व न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की कोर्ट में होगी।

मालिका हक को चुनौती

नई सड़क खसरा 6041 का मालिकाना हक अभी तक तय नहीं है। एक अन्य आरटीआई एक्टिविस्ट राहुल ठाकुर ओर से भी नगर निगम के खिलाफ मालिकाना हक की चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में पहले से एक याचिका दायर की हुई है। बताया गया है कि नई सड़क खसरा 6041 का असली मालिकाना हकर अलीगढ़ के किसी माथुर परिवार के पास है। इस जमीन के असली मालिक का निधन हाे चुका है। यह भी दावा है कि उन्होंने अपने किसी रिश्तेदार के पॉवर ऑफ अटार्नी की हुई है। जिसके नाम पावर ऑफ अटॉर्नी की है उसने कुछ साझीदार मिला लिए हैं। उनकी ओर से ही मालिकाना हक को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में राहुल ठाकुर ने नगर निगम के खिलाफ याचिका दायर की है।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

five × 4 =

Related Articles

विवेक रस्तौगी ने की काव्य महोत्सव तैयारियों की समीक्षा

विवेक रस्तौगी ने की काव्य महोत्सव तैयारियों की समीक्षा

मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ सोमेंद्र तोमर का सम्मान

मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ सोमेंद्र तोमर का सम्मान

महापौर व चीफ ने सड़क देखकर पकड़ लिया माथा

महापौर व चीफ ने सड़क देखकर पकड़ लिया माथा

एसडी सदर के तीन छात्रों का चयन

एसडी सदर के तीन छात्रों का चयन