मेरठ। विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान (सीआईआरसी) मेरठ द्वारा सरधना ब्लॉक के महादेई गांव में एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के निदेशक डॉ. अशोक कुमार मोहंती के मार्गदर्शन में किया गया। इस वर्ष विश्व दुग्ध दिवस की थीम ‘महिला डेयरी किसानों का सम्मान: पोषण, समृद्धि और सशक्तिकरण की पहचानÓ पर आधारित थी।
महिलाओं का योगदान रेखांकित
कार्यक्रम का उद्देश्य डेयरी क्षेत्र में महिलाओं के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करना तथा दूध एवं दुग्ध उत्पादों के पोषण संबंधी महत्व के प्रति ग्रामीण समुदाय को जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के वैज्ञानिकों ने विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिए। डॉ. राजीव रंजन कुमार ने दूध के पोषक तत्वों एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता आकलन पर जानकारी प्रदान की। डॉ. नेमि चंद ने दैनिक जीवन में डेयरी उत्पादों की भूमिका एवं उनके महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं डॉ. सोनम द्विवेदी ने महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण सुरक्षा तथा संतुलित आहार में दूध की उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों के लिए दुग्ध एवं पोषण विषयक प्रश्नोत्तरी (क्विज़) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने भाग लिया। सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में वाई.पी. श्री नवीन चंद यादव एवं श्री आशीष कुमार का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का समापन विश्व दुग्ध दिवस के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने तथा डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने के संकल्प के साथ हुआ।
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