मेरठ। गंगानगर स्थित आईआईएमटी छात्रा अनु गुप्ता की मौत मामले ने इस शिक्षण संस्थान पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब से यह शिक्षण संस्थान शुरू हुआ तब तक अब तक इसमें जितने भी छात्र-छात्राओं की मौत हुई है उन सभी मौताें का हिसाब मांगा जा रहा है। छात्रा की मौत को लेकर लोगों में गम और गुस्सा है। आज इसी का इजहार किया गया। छात्रों तथा आम आदमी पार्टी ने आईआईएमटी संचालकों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के चलते प्रशासन ने कमिश्नरी चौराहे पर भारी पुलिस लगा दी। उसको छावनी में तब्दील कर दिया गया।
गम और गुस्सा छात्रा अनु गुप्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और पूर्व में हुई आत्महत्या की घटनाओं को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसको लेकर आज कमिश्नरी चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेज विश्वविद्यालय में छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव, अतिरिक्त शुल्क वसूली और प्रशासनिक लापरवाही की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। बुधवार को बड़ी संख्या में छात्र कमिश्नरी पहुंचे और जमकर हंगामा काटा। बाद में एडीएम सिटी बृजेश सिंह को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा गया कि विश्वविद्यालय में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई छात्र-छात्राओं द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे शिक्षण संस्थान की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप लगाया गया है कि विश्वविद्यालय में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, शैक्षणिक दबाव, अनुशासन व्यवस्था और छात्र कल्याण संबंधी व्यवस्थाओं में खामियां हैं। छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर अतिरिक्त शुल्क वसूली और मानसिक दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
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