नई दिल्ली। 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के बाद, कुछ एग्जिट पोल और भाजपा नेताओं का दावा है कि राज्य में पहली बार भाजपा (BJP) की सरकार बन सकती है, जबकि टीएमसी (TMC) ने भी अपनी जीत का दावा किया है। अंतिम नतीजों के लिए 4 मई का इंतजार है, लेकिन शुरुआती रुझानों में कड़ा मुकाबला दिख रहा है। हालांकि आशंका है कि जहां तक भाजपा पहुंचेगी उसके बाद से संभवत दीदी अपनी शुरूआत करे। यह भी याद रखना होगा कि SIR के बाद कितने लाख मतदाताओं के नाम उड़ा दिए गए और इसका सीधा फायदा किसे पहुंचे और खामियाजा कौन उठाएगा।
यदि चुनाव परिणाम के बाद राज्य में हिंसा या संवैधानिक मशीनरी विफल होती है, तो राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356) लगाया जा सकता है, जो आम तौर पर 6 महीने तक रहता है। पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान हिंसा और 2026 के विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल/नतीजों के बाद राज्य में भाजपा द्वारा राष्ट्रपति शासन लगाने की चर्चा और TMC के आरोप तेज हो गए हैं। ममता बनर्जी ने मालदा की घटना का हवाला देते हुए भाजपा पर इस तरह की योजना का आरोप लगाया है, जबकि सियासी गलियारों में नतीजों के बाद अस्थिरता की स्थिति में अनुच्छेद 356 की अटकलें लगाई जा रही हैं। ममता बनर्जी ने भाजपा पर राष्ट्रपति शासन लगाने की ‘गेम प्लान’ का आरोप लगाया है, विशेषकर मालदा जिले में हिंसा के बाद। मालदा जिले में स्थानीय लोगों द्वारा 7 न्यायिक अधिकारियों को घेरने की घटना के बाद बीजेपी ने इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बताया।
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