मेरठ। दीवान वीएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में ‘यूथ एंड फंडामेंटल ट्रुथ्स ऑफ लाइफ एप्रोच विषय पर एक प्रेरणादायक सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को जीवन के मूलभूत सिद्धांतों, मूल्यों एवं सही दृष्टिकोण के प्रति जागरूक करना था। शुभारंभ डीवीएसजीआई के कार्यकारी निदेशक कर्नल (डॉ.) नरेश गोयल, एडवाइजर डॉ. श्रुति अरोरा ,एवं अतिथियों लेफ्टिनेंट जनरल विनोद वशिष्ठ (एवीएसएम, वीएसएम एवं बार, सेवानिवृत्त), मेजर जनरल पंकज कौशिक, अमित जग्गी एवं अंकुर जग्गी द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल विनोद वशिष्ठ का स्वागत कर्नल (डॉ.) नरेश गोयल, कार्यकारी निदेशक, दीवान ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा किया गया। अपने स्वागत उद्बोधन में उन्होंने मुख्य वक्ता का परिचय देते हुए उनके समृद्ध अनुभवों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे अनुभवी एवं प्रेरणादायक व्यक्तित्व का संस्थान में आगमन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणास्रोत है।
मुख्य वक्ता लेफ्टिनेंट जनरल विनोद वशिष्ठ ने अपने विस्तृत एवं प्रेरणादायक विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि अनुशासन, समर्पण, सकारात्मक सोच और मजबूत चरित्र का होना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अपने सैन्य जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य, निर्णय लेने की क्षमता और टीमवर्क ही व्यक्ति को आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि असफलता जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत का अवसर होती है, जिससे सीखकर व्यक्ति और अधिक मजबूत बनता है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें और उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें। उन्होंने यह भी कहा कि समय प्रबंधन, आत्मअनुशासन और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति ही सफलता की कुंजी है।
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