मेरठ। तोपखाना निवासी शैली शर्मा द्वारा लगाए गए आरोपों के मामले में अदालत ने अजय जैन को बाइज्जत बरी कर दिया है। वहीं दूसरी ओर अजय जैन ने कहा है कि उन पर आरोप एक साजिश के तहत लगाए गए थे, लेकिन उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा था, जिसके चलते अदालत ने तमाम आरोपों को खारिज कर दिया। यह मामला साल २०२२ का है, जिसमें तोपखाना निवासी शैली नाम की महिला (जिनके बच्चे छावनी मंदिर मार्ग स्थित ऋषभ एकाडेमी में पढ़ते थे) ने अजय जैन पर उनके घर में घुसकर अभद्रता करने व धमकाने के आरोप लगाते हुए थाना लालकुर्ती में मामला दर्ज कराया था। शैली ने घर में घुसकर छेड़खानी जैसे गंभीर आरोप लगाए थे, लेकिन कोई गवाह इसको लेकर पेश नहीं कर सकीं, इसके इतर अजय जैन के पक्ष में शैली के पड़ौसियों की गवाही में बताया गया कि इस प्रकार की कोई घटना उन्होंने ना देखी ना सुनी। इस मामले की अदालत में लंबी सुनवाई चली। सभी गवाहों और बयानों के मददेनजर अदालात ने ३१ मार्च को अजय जैन पुत्र प्रभात जैन को बाइज्जत बरी कर दिया। वहीं दूसरी ओर इस मामले में अदालत के आदेश का स्वागत करते हुए ऋषभ एकाडेमी के सचिव डा. संजय जैन ने इसको इंसाफ की जीत करा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला शरद जैन, बंटी जैन व मृदल जैन सरीखों के इशारे पर दर्ज कराया गया था, लेकिन अदालत में इस साजिश का भी खुलासा हो गया।
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