नई दिल्ली। यदि आपको पति से प्यार है और उनकी लंबी उम्र व सलामती चाहती हैं तो गणगौर का व्रत पूजन जरूर करें लेकिन ब्रत व पूजन को लेकर कुछ हिदायतें भी हैं उनका भी पालन जरूर करें। मसलन कथा पढ़ें/सुनें, आरती करें और माफी मांगें। चैत्र शुक्ल तृतीया पर। यह मुख्य रूप से राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और उत्तर भारत के कई हिस्सों में मनाया जाने वाला त्योहार है, जिसमें विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं, जबकि कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की कामना करती हैं।वो महिलाएं जो लिव इन में रह रही हैं या जिनकी शादी होने वाली हैं यानि मंगेतर हैं वो भी गणगौर का व्रत पूजन कर सकती हैं। जिस प्रकार से सुहागनें पूजा व व्रत रखती
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