मेरठ। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया प्रदर्शन बेहद आक्रामक रहा, जिसमें पुलिस के साथ जमकर हंगामा, नोकझोंक और धक्का-मुक्की देखने को मिली। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच पुतले को लेकर जमकर झीना झपटी हुई। कमिश्नरी चौराहे और आंबेडकर चौराहे पर रविवार को सपा कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने उनका पुतला फूंकने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिस बल ने पुतला छीन लिया। इस दौरान पुलिस और सपाइयों के बीच तीखी नोकझोंक और भारी धक्का-मुक्की हुई। कार्यकर्ताओं ने आंबेडकर की प्रतिमा के नीचे बैठकर “वोट चोर गद्दी छोड़” के नारे भी लगाए किठौर विधायक शाहिद मंजूर ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे, इसके बावजूद पुलिस पर सत्ता का दबाव दिखाई दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर लोकतंत्र और संविधान बचाने के आह्वान के साथ सपाई आंदोलन चला रहे हैं। । इसमें सपा जिलाध्यक्ष कर्मवीर गुमी, किठौर विधायक शाहिद मंजूर और मेरठ शहर विधायक रफीक अंसारी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। इससे पहले शनिवार को भी परतापुर क्षेत्र के कुंडा गांव में भी बड़ा बवाल हुआ था। सपा नेता प्रदीप कसाना और जाहिद त्यागी की अगुवाई में सैकड़ों कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करने जा रहे थे। पुलिस प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ उन्हें कुंडा गांव में ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और अधिकारियों के बीच काफी देर तक तीखी झड़प और धक्का-मुक्की होती रही। कुंडा गांव में मचे हंगामे के बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम शुभम श्रीवास्तव, परतापुर थाना प्रभारी और सीओ ने कार्यकर्ताओं को शांत कराया। इसके बाद सपा नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा और चेतावनी दी कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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