Home मेरठ सचिन व राशिद पर FIR तो क्या पिंकी चौधरी से दोस्ताना
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सचिन व राशिद पर FIR तो क्या पिंकी चौधरी से दोस्ताना

सचिन व राशिद पर FIR तो क्या पिंकी चौधरी से दोस्ताना

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सचिन व राशिद पर FIR तो क्या पिंकी चौधरी से दोस्ताना
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मुदकमों के चलते दोनों पक्षों में नाराजी, आने वाले दिनों में मामले के गरमाने की आशंका से नहीं इंकार

मेरठ। पूर्व सांसद के भाई राशिद अखलाक पर मुदकमा लिखे जाने के बाद रेलवे रोड के केसरगंज की मस्जिद का मामला और भी ज्यादा गरमा गया है। शहर के मुसलमानों में इसको लेकर नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि हिन्दुओं के फायर ब्रांड नेता सचिन सिरोही के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद एक वर्ग की नाराजगी को बैलेंस करने के लिए ही हाजी राशिद अखलाक पर यह मुकदमा लिखा गया है। उनका कहना है कि हाजी राशिद ने कोई ऐसी बात नहीं की है जिसको लेकर मुकदमा लिख लिया गया है। उन्होंने केवल अमन ओ अमान और हिन्दू मुस्लिम भाईचारे की पैरवी की है। यदि हिन्दु मुसलमानों के भाई चारे और शहर में अमन ओ अमान की पैरवी करना गुनाह है तो फिर तो इस शहर का हर वो शहरी जो अमन चाहता है सिस्टम की नजरों में गुनाहगार है। हाजी राशिद अखलाक पर भी ठीक उसी तर्ज पर मुकदमा लिखा गया है जिस प्रकार से सचिन सिरोही पर मुकदमा लिखा गया है। ये दोनों ही मुकदमें पुलिस ने लिखाए हैं और दोनों का ही कहना है कि मुकदमें गलत लिखाए हैं। सचिन सिरोही का तर्क है कि उनका तो इसक कार्यक्रम से कुछ लेना देना ही नहीं था फिर उनका क्यों मुकदमा लिखा गया। जिसने यानि पिंकी चौधरी ने केसरगंज मस्जिद के सामने हनुमान चालिस का पाठ करने का एलान कर शहर को दंगे की आग में झोंकने का विफल प्रयास किया, उससे पुलिस दोस्ती निभा रही है। पिंकी चौधरी या उसके किसी समर्थक के खिलाफ क्यों नहीं मुकदमा लिखा गया। जबकि कुछ लोग मौके पर पहुंचने का प्रयास कर रहे थे। उन्हें हिरासत में लेकर भी उनके खिलाफ मुकदमा नहीं लिखा जाता ऐसा क्यों यह तो अफसर ही बता सकते हैं।

पिंकी चौधरी से ये रिश्ता क्या कहलाता है

सचिन सिरोही और हाजी राशिद अखलाक पर मुकदमा लिखने वाली पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर सकी है कि मेरठ जैसे शहर का माहौल खराब करने का प्रयास करने वाले पिंकी चौधरी के खिलाफ किसके इशारे या किसी के दवाब के चलते कार्रवाई नहीं की जा रही है। जब कि सारे फासद की जड़ तो पिंकी चौधरी का केसर गंज मस्जिद के सामने हनुमान चालिस का पाठ करने का एलान ही है। केसरगंज का इलाका जहां यह पुरानी मस्जिद मौजूद है, वह अति संवेदनशील इलाकों में शुमार किया जाता है। उस अति संवेदनशील इलाके में मौजूद मस्जिद के सामने हनुमान चालिसा का पाठ कर पिंकी चौधरी क्या शहर को दंगे की आग में झोंक देना चाहता है। इससे भी बड़ी हैरानी की बात यह कि पिंकी चौधरी मेरठ की सीमा तक पहुंच जाता है और उसके खिलाफ बजाए लिखा पढ़ी करने के दोस्ताना अंदाजा में वापस भेज दिया जाता है। इसीलिए सवाल किया जा रहा है कि पिंकी चौधरी से ये रिश्ता क्या कहलाता है।

मस्जिद प्रकरण में अब तक यह

रेलवे रोड थाना के केसरगंज स्थित मस्जिद को लेकर विवाद की शुरूआत टॉयलेट बनाने को लेकर हुई। जिसका वहां के व्यापारियों ने विरोध किया। इसके बाद हिन्दूवादी नेता सचिन सिराेही इस मामले में एंट्री लेते हैं। मामला धीरे-धीरे सुलगता रहा और इस प्रकार के बेहद संवेदशील मामलों को लेकर खासी चर्चाओं में रहने वाले पिंकी चौधरी ने केसरगंज मस्जिद के सामने हनुमान चालिसा का एलान कर दिया। उसके बाद जो हुआ वो सबके सामने है। हालांकि राशिद अखलाक पर दर्ज मुकदमे के बाद इस विवाद में पुलिस कार्रवाई का दायरा दोनों पक्षों से जुड़े लोगों तक पहुंच गया है। इससे आने वाले दिनों में मामला और संवेदनशील हो सकता है।
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