Home मेरठ तो क्या फाइलों में खेल में लगे हैं आवास विकास अफसर
मेरठ

तो क्या फाइलों में खेल में लगे हैं आवास विकास अफसर

तो क्या फाइलों में खेल में लगे हैं अफसर

Share
तो क्या फाइलों में खेल में लगे हैं अफसर
Share

44 सील भवनों में से कुछ ने सेटबैक छोड़ने के नाम पर शुरू कर दी है तोड़फोड़, दाखिल की जानी है सुप्रीमकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट, आदेश आवंटन के स्वरूप में भूखंड को लाने के हैं

मेरठ। आवास विकास के अफसराें को 44 सील भवनों को आवंटन के समय के स्वरूप में लाने के आदेश सुप्रीमकोर्ट ने दिए हैं। इसके इतर सील पड़े 44 भूखंड़ों में से कुछ ने सेटबैक के नाम पर तोड़फोड़ शुरू कर दी है। सुनने में आया है कि सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर जिन अफसरों को कार्रवाई करनी है मसलन सील भवन के भूखंड को आवंटन के समय के स्वरूप में लाना है, उन्होंने ही कुछ भवन स्वामियों को बचाव का रास्ता बता दिया है, वो ये कि फ्रंट और साइड में सेटबैक छोड़ दिया जाए। उसको आधार बनाकर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी जाए बाकि भवन स्वामी का नसीब है कि जो स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की जाएगी उसको स्वीकृति मिलती है या नहीं। भले ही इस रास्ते पर चलकर किसी को राहत मिल जाए तो अच्छा है, लेकिन जिस रास्ते पर चलने की कोशिश की जा रही है उस पर कांटे हजार हैं, क्योंकि सुनने में आया है कि इस बार होने जा रही सनवाई से पहले ही आवास विकास के अफसरों के खिलाफ ही सुप्रीमकोर्ट की अवमानना का मामला दायर किए जाने की पूरी तैयारी कर ली गयी है। जो आवास विकास के अफसरों के खिलाफ अवमानना का मामला दायर करने की तैयारी कर रहे हैं, वह अफसरों द्वारा फाइलों में जिस खेल की स्क्रिप्ट लिखी जा रही बतायी जा रही है, भला उससे कैसे अंजान बने रहे कसते हैं, बल्कि इस स्क्रिप्ट का यूज अफसरों के खिलाफ हथियार के रूप में किया जाएगा। बंद के लिए तूफानी जनसंपर्क वहीं दूसरी ओर 2 सितंबर के बंद के लिए कोर कमेटी तूफानी जनसंपर्क में लगी है। सोमवार को दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के कई इलाकों और गांवों में जनसंपर्क किया गया। एलएलआरएम मेडिकल के सामने दवा मार्केट में भी जनसंपर्क किया गया। जब से संयुक्त व्यापार संघ और बार एसाेसिएशन ने समर्थन वापस लिया है तब से बंद के समर्थकों को महानगर के पीएल शर्मा रोड, आबूलेन, बच्चापार्क, बुढानागेट, खैरनगर, जलीकोठी, सदर बाजार, बेगमपुल सरीखे इलाकों में नहीं देखा जा रहा है, हालांकि 2 सितंबर को जिस दिन मेरठ बंद की कॉल दी गयी है उस रोज बुधवार है और बुधवार को बेगमपुल का इलाका वैसे ही बंद रखता है। अर्पित मोगा और स्पर्श अग्रवाल ने बताया कि सैक्टर दो का मार्केट पूरी तरह से बंद रहेगा। बंद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी अधिक हो रही है। हिन्दू संगठन के सचिन सिरोही ने कहा है कि सेंट्रल मार्केट अपनी दुर्दशा के लिए खुद अधिक जिम्मेदार है। स्पोर्ट कारोबारी विपिन गिरी ने भी बंद के समर्थन की बात कही है। हालांकि जब तक सूरजकुंड स्पोर्टस मार्केट बंद नहीं होता तब तक इस प्रकार का समर्थन कोई मायने नहीं रखता। पूरा बाजार बंद हो तो बात बने। तिरंगा बाजार व्यापार संघ के मनोज गर्ग और आलाेक सोम ने जिस प्रकार से समर्थन और बाजार बंदी का एलान किया है, उसी तर्ज पर समर्थन मिले तो बेहतर है।
Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

20 − 8 =

Related Articles

बदर अली के बयान पर भड़के सचिन सिरोही

बदर अली के बयान पर भड़के सचिन सिरोही

IAS दिव्या का इस्तीफा क्या जिसकी पर्देदारी है

IAS दिव्या का इस्तीफा क्या जिसकी पर्देदारी है

गंगा कालोनी से पलायन से अफसर क्यों है बेखबर

गंगा कालोनी से पलायन से अफसर क्यों है बेखबर

शहर के “खुले नाले बने मौत के कुंए

शहर के "खुले नाले बने मौत के कुंए