Home Delhi नेपाल में बाढ़ से अभी मौत का तांडव तो बाकि है
Delhi

नेपाल में बाढ़ से अभी मौत का तांडव तो बाकि है

नेपाल में बाढ़ से अभी मौत का तांडव तो बाकि है

Share
नेपाल में बाढ़ से अभी मौत का तांडव तो बाकि है
Share

नेपाल का पानी मचाएगा भारत में भारी तबाही, चीन ने पहले दे दी थी तबाही की चेतावनी

नई दिल्ली। बाढ़ की वजह से नेपाल में अभी बड़ी तबाही तो आनी बाकि है। नेपाल में आयी बाढ़ का पानी भारत में तबाही मचाने की ओर बढ़ रहा है। चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV ने शुक्रवार देर सुबह बताया कि नई बनी झील लगातार ओवरफ्लो हो रही है। इससे इतना बड़ा खतरा पैदा हो गया है कि बचाव दल बुरी तरह प्रभावित लैंड पोर्ट तक नहीं जा सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बात की बहुत संभावना है कि इससे नई अचानक बाढ़ या भूस्खलन हो सकता है। नेपाली प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने भोटेकोशी व त्रिशूली नदी के किनारे बसे निचले इलाकों को खाली कराने के निर्देश दिए हैं और अगले 72 घंटे अत्यंत संवेदनशील बताए गए हैं।

अचानक टूट जाएगी झील

इस झील के टूटने से सबसे बड़ी चिंता यह है कि लगातार हो रही बारिश्ही के बीच झील में कई बदलाव आ सकते हैं। बारिश से पानी की मात्रा काफी बढ़ सकती है, जिससे बांध पर और दबाव पड़ेगा और उसके टूटने का खतरा बढ़ जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा टूटना धीरे-धीरे या अचानक भी हो सकता है। स्टिमसन सेंटर थिंक टैंक के एनर्जी, वॉटर एंड सस्टेनेबिलिटी प्रोग्राम में सीनियर फेलो ऑस्टिन लॉर्ड ने कहा कि विशेषज्ञ अभी दो बैरियर झीलों पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने एक और झील का जिक्र किया जो बुधवार को टूटे ग्लेशियर की दरार के ठीक नीचे बनी थी, जिससे शुरुआती आपदा आई थी।

बढ़ेंगी नेपाल की मुसीबतें

बाढ़ से भयंकर तबाही का सामना कर रहे नेपाल की मुश्किल बढ़ सकती है। छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास (चीन-नेपाल बॉर्डर) बनी एक बड़ी झील का बांध टूट (ओवरफ्लो) गया है। इसके और बढ़ने से नेपाल की भोटेकोशी नदी में पानी का बहाव तेज होने की नई चिंता पैदा हो गई है। नेपाल के बाढ़ प्रभावित रसुवा के मुख्य जिला अधिकारी नरेंद्र परियार ने शुक्रवार को बताया कि नेपाली सेना ने उन्हें जानकारी दी है कि झील का बांध टूट गया है। यह घटनाक्रम चीनी अधिकारियों की उस चेतावनी के एक दिन बाद हुआ है। इसमें कहा गया था कि संगम के पास बाढ़ से बनी झील पहले से ही ओवरफ्लो हो रही थी और उसमें और पानी आने से उसके टूटने का खतरा था। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने कहा है कि भोटेकोशी नदी में पानी का स्तर बढ़ गया है। नेपाल इसके संभावित असर का पता लगाने के लिए रसुवा में भोटेकोशी और उसके आसपास के इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने की तैयारी कर रहा है। त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर के एक अधिकारी ने बताया कि सर्वेक्षण के लिए धुंचे और रसुवा के अन्य हिस्सों में पहले से मौजूद हेलीकॉप्टरों को तैनात किया जाएगा।

अगले तीन दिनों में झील में और 30 लाख क्यूबिक मीटर पानी

इस सर्वे का मकसद भोटेकोशी के उन इलाकों की पहचान करना है, जहां बांध टूटने की खबर के बाद और ज्यादा खतरा हो सकता है। चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने गुरुवार सुबह तक झील में पानी की मात्रा का अनुमान 20 लाख क्यूबिक मीटर लगाया था। अगले तीन दिनों में झील में और 30 लाख क्यूबिक मीटर पानी आ सकता है।चीन-नेपाल बॉर्डर पर जो बैरियर लेक (रुकावट से बनी झील) ओवरफ्लो हो रही है, उसमें इतना पानी है कि उससे 1,000 ओलंपिक स्विमिंग पूल भरे जा सकते हैं। यह झील बुधवार को भूस्खलन और भारी बाढ़ से इलाके में तबाही मचने के बाद बनी थी। बैरियर लेक मलबे के कारण नदी का रास्ता रुकने से बनती है।
Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

20 − twelve =

Related Articles

Gen-Z भाजपा रिटर्न में बड़ा रोड़ा संभव

Gen-Z भाजपा रिटर्न में बड़ा रोड़ा संभव

कंगना अब बिल्कुल नहीं करेगी बर्दाश्त

कंगना अब बिल्कुल नहीं करेगी बर्दाश्त

छात्रों के विरोध के बाद बैकफुट पर NALSAR

छात्रों के विरोध के बाद बैकफुट पर NALSAR

दुनिया की पहली राखी शचि की इंद्र को

दुनिया की पहली राखी शचि की इंद्र को