नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ बैठक की। एक सोशल मीडिया पोस्ट में श्री मोदी ने कहा कि संगठनात्मक बैठकें नए विचार और दृष्टिकोण पर आधारित होती हैं। इनका उद्देश्य पार्टी को मजबूत करना और लोगों के साथ जुड़ाव को बढाना है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान भाजपा ने वंदे मातरम की ऐतिहासिक विरासत के सम्मान और संरक्षण के संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया। इस दौरान आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों, जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और ‘वंदे मातरमÓ के ऐतिहासिक सम्मान से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा हुई।
एक्स पर साझा की पोस्ट
एक सोशल मीडिया पोस्ट में श्री मोदी ने कहा कि संगठनात्मक बैठकें नए विचार और दृष्टिकोण पर आधारित होती हैं। इनका उद्देश्य पार्टी को मजबूत करना और लोगों के साथ जुड़ाव को बढाना है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान भाजपा ने वंदे मातरम की ऐतिहासिक विरासत के सम्मान और संरक्षण के संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की हाल ही में घोषित 65 सदस्यीय राष्ट्रीय टीम (जिसमें 51 नए चेहरे शामिल हैं) के साथ प्रधानमंत्री की यह पहली औपचारिक बैठक थी। बैठक में वसुंधरा राजे, स्मृति ईरानी, बिप्लब कुमार देब और बीएल संतोष समेत कई प्रमुख वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्सÓ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि संगठनात्मक बैठकें नए विचारों और दृष्टिकोण का माध्यम होती हैं, जिनका उद्देश्य पार्टी को और मजबूत करना तथा जनता के साथ जुड़ाव को गहरा करना है। बैठक से ठीक पहले पार्टी ने ‘वंदे मातरमÓ की ऐतिहासिक विरासत और सम्मान के संरक्षण से जुड़ा एक प्रस्ताव भी पारित किया।
इससे पहले दिन में पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ बैठक की। श्री नबीन ने कहा कि भाजपा टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए पार्टी के आधार को और व्यापक बनाने के लिए पूर्ण समर्पण और निष्ठा के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान भाजपा ने वंदे मातरम् की ऐतिहासिक विरासत के सम्मान और संरक्षण के संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया। इसमें पार्टी ने कांग्रेस कार्य समिति द्वारा 19 अगस्?त को कांग्रेस कार्यक्रमों में वंदे मातरम के गायन को केवल पहले दो पैरा तक सीमित करने वाले 1937 के प्रस्ताव को पुन: लागू किए जाने के निर्णय की कड़ी निंदा की। भाजपा ने कांग्रेस को याद दिलाया कि उसकी कार्य समिति का कोई भी प्रस्ताव देश के संवैधानिक संस्थानों या कानूनों का उल्लंघन नहीं कर सकता।
राष्ट्र व्यापी अभियान का एलान
पार्टी ने राष्ट्रीय गीत के रूप में संपूर्ण वंदे मातरम् के सम्मान, गरिमा, विरासत और राष्ट्रीय महत्व को बनाए रखने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सांप्रदायिक दबाव, राजनीतिक तुष्टीकरण या संकीर्ण वोट बैंक के स्वार्थों के कारण राष्ट्रीय गीत को दबाने के हर प्रयास को अस्वीकार करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। श्री नबीन ने कहा कि पार्टी भाजपा कार्यकर्ताओं के माध्यम से एक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएगी । इसमें वंदे मातरम् के इतिहास, राष्ट्रीय महत्व और गौरवशाली विरासत को देश के कोने-कोने तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गीत, भारत माता के प्रति श्रद्धा की अभिव्यक्ति, स्वतंत्रता संग्राम का मंत्र और राष्ट्रीय चेतना का अमर प्रतीक मानती है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि वंदे मातरम की विरासत को समकालीन वोट बैंक की राजनीति के हिसाब से नहीं आंका जा सकता। भाजपा अपनी आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और जनसंपर्क अभियानों की तैयारी कर रही है। पार्टी के प्रस्ताव में कहा गया कि भाजपा वंदे मातरम के छह अंतरों वाले पूर्ण संस्करण के सम्मान, गरिमा और विरासत की रक्षा करेगी। पार्टी ने 1950 में संविधान सभा की घोषणा और वर्ष 2026 में संसद द्वारा राष्ट्रीय गीत को ‘जन गण मन के समान वैधानिक संरक्षण दिए जाने का भी उल्लेख किया। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति का फैसला संविधान या संसद द्वारा बनाए गए कानून को प्रभावित नहीं कर सकता। पार्टी के अनुसार, 1937 का राजनीतिक समझौता 1950 के संवैधानिक निर्णय और 2026 के कानून से ऊपर नहीं हो सकता।
इनमें युवाओं से जुड़ाव बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे पहले नितिन नवीन ने नए पदाधिकारियों के साथ बैठक की और ‘युवा संवाद को लगातार आगे बढ़ाने की जरूरत बताई। भाजपा ने कहा कि देशभर में चलाए जाने वाले अभियान के दौरान ‘वंदे मातरम से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों और स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका को सामने रखा जाएगा। युवाओं के बीच विशेष जागरूकता अभियान चलाने की भी बात कही गई है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस गीत के स्वतंत्रता संघर्ष और बलिदान से संबंध को समझ सकें। पार्टी ने कहा कि वह राष्ट्रीय गीत को सांप्रदायिक दबाव, तुष्टीकरण या वोट बैंक की राजनीति के अधीन किए जाने के किसी भी प्रयास का विरोध करेगी।
Leave a comment