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कुटुंब व्यवस्था को बताया सर्वोत्तम

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कुटुंब व्यवस्था को बताया सर्वोत्तम
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मेरठ। स्वामी समर्पणानन्द वैदिक शोध संस्थान तथा उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान लखनऊ द्वारा 22 अगस्त से गुरुकुल प्रभात आश्रम भोला झाल टीकरी मेरठ, में आयोजित की जा रही अखिल भारतीया वैदिक शोधसंगोष्ठी के दूसरे दिन रविवार को देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, विभागाध्यक्षों, प्राध्यापकों एवं शोधार्थियों द्वारा वैदिक वाङ्मय के आलोक में पंच परिवर्तन सिद्धान्तों के विषय में गम्भीर मन्थन किया। जिसमें चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर मेरठ के संस्कृतप्राच्यभाषा विभाग के सहविभागाध्यक्ष डॉ. प्रशान्त शर्मा ने वैदिक वाङ्मय के आलोक में कुटुम्ब प्रबोधन इस विषय में धाराप्रवाह संस्कृतवाक् के माध्यम से वैदिक प्रमाणपूर्वक अपना विशिष्ट वक्तव्य प्रस्तुत किया।

पारिवारिक विघटन बड़ी समस्या

वक्तव्य में आधुनिक पारिवारिक विघटन रूपी समस्या का वैदिक समाधान डॉ. शर्मा द्वारा प्रस्तुत किया गया, जो उपस्थित विद्वानों के विशेष अवधान का केन्द्र बना। चौ. च. सिं. वि.वि. संस्कृत एवम् प्राच्यभाषा विभाग के अध्यापकों, शोधार्थियों तथा विद्यार्थी छात्र-छात्राओं ने उत्तराखण्ड संस्कृत वि.वि. के कुलपति प्रो. रमाकान्त पाण्डेय, दिल्ली वि.वि. के संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. भारतेन्दु पाण्डेय, जे.एन.यू. के प्रो. बृजेश पाण्डेय, कुरुक्षेत्र वि.वि. के प्रो. राजेश्वर प्रसाद मिश्र, इलाहाबाद वि.वि. के डॉ. विनोद कुमार, हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय वि.वि. के प्रो. योगेन्द्र धामा व प्रो. बृहस्पति मिश्र, हेमवती नन्दन बहुगुणा वि.वि. गढवाल श्रीनगर के डॉ. विश्वेश वाग्मी, गोधरा वि.वि. गुजरात के प्रो. भावप्रकाश गाँधी, गु.का.वि.वि. हरिद्वार के डॉ. वेदव्रत जैसे अनेक विश्रुत वैदिक विद्वानों तथा भारतीय ज्ञान परम्परा के विचारकों से शोधपूर्ण दृष्टि प्राप्त की. संगोष्ठी की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए म.द.वि.वि. रोहतक के डॉ. रविप्रभात ने चौ.च.सिं.वि.वि. परिसर के संस्कृत विभाग के दल की उपस्थिति की विशेष प्रशंसा की। मुख्य संयोजक प्रो वाचस्पति मिश्र द्वारा शोध संगोष्ठी में पधारे सभी विद्वानों का आभार ज्ञापित किया गया।

अतिथि प्रवक्ता

इस शोधपूर्ण शैक्षिक प्रवास में विभाग में अतिथि प्रवक्ता डॉ. विजय बहादुर, डॉ. राजबीर एवं कार्यालय सहायक श्री साहिल तरीका ने महत्त्वपूर्ण सहयोग किया। सहविभागाध्यक्ष डॉ. प्रशान्त शर्मा ने बताया कि चौ.च.सिं. वि.वि. की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की प्रेरणा तथा कला संकायाध्यक्ष प्रो. अतवीर सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित यह शोध-शैक्षिक प्रवास विद्यार्थियों के लिये अत्यन्त उपयोगी रहा। कुलपति की प्रेरणा एवं वि.वि. प्रशासन के सहयोग से आगे भी इस तरह की गतिविधियों में विभाग जुडा रहेगा।
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