राजकपूर पहुंचे थे हेमा मालिनी के घर सत्यम शिवम सुंदर की स्क्रिप्ट लेकर, बोल्ड दृश्यों (Sensual Content) के चलते हेमा की मां ने भी कर दिया था राजकपूर को इंकार, बाद में जीतन ने की राजकूपर की मूवी
नई दिल्ली।हेमा मालिनी ने फिल्म ‘सत्यम शिवम सुंदरम‘ (1978) में अत्यधिक अंग प्रदर्शन और बोल्ड दृश्यों (Sensual Content) के कारण ही इस फिल्म को करने से मना कर दिया था। राज कपूर इस फिल्म में ‘रूपा’ के मुख्य किरदार के लिए हेमा मालिनी को ही अपनी पहली पसंद मानते थे, लेकिन हेमा मालिनी ने अपनी साफ-सुथरी ‘ड्रीम गर्ल’ वाली छवि और पारिवारिक मूल्यों के चलते इसे स्वीकार नहीं किया। फिल्म की कहानी के अनुसार, मुख्य अभिनेत्री को पारदर्शी साड़ी, झरने के नीचे के दृश्य और कई ऐसे शॉट देने थे जिनमें काफी अंग प्रदर्शन शामिल था। हेमा मालिनी इस तरह के दृश्यों को कैमरे के सामने करने में बिल्कुल भी सहज नहीं थीं। हालांकि बाद में जीनत अमान ने राजकुमार की वो मूवी की और रूपहले पर्दे की अमर एक्ट्रेस बन गयीं।
बिना बताए जाना
करीबियों की मानें तो राज कपूर के समझाने के प्रयासों के बावजूद हेमा मालिनी इस रोल को लेकर इतनी असहज थीं कि वे सीधे मना करने के बजाय एक बार उनके ऑफिस के पिछले दरवाजे से बिना बताए निकल गई थीं। हेमा मालिनी के मना करने के बाद यह रोल जीनत अमान को मिला, जिन्होंने अपनी बोल्डनेस और बेहतरीन अभिनय से इस किरदार को सिनेमा इतिहास में अमर बना दिया। काफी पहले हेमा मालिनी ने खुद एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि जब राज कपूर उनके घर फिल्म का प्रस्ताव लेकर आए, तो वह खुद भी जानते थे कि हेमा यह फिल्म नहीं करेंगी। उस समय उनकी मां (जया चक्रवर्ती) भी वहां बैठी थीं और उन्होंने साफ तौर पर शोमैन राज कपूर से कह दिया था कि “हेमा यह सब (अंग प्रदर्शन) नहीं करेगी”। नवंबर 2025 में दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन के बाद, अभिनेत्री हेमा मालिनी ने हाल ही में साझा किया है कि वह अब धर्मेंद्र की यादों के सहारे ही जी रही हैं और यही खूबसूरत यादें उनके जीवन को पूरा करने तथा उन्हें आगे बढ़ने की शक्ति देने के लिए पर्याप्त हैं। हेमा मालिनी मानती हैं कि उनका और धर्मेंद्र का रिश्ता सच्चे प्यार पर आधारित था। शुरुआती दौर से ही वे जानती थीं कि वे एक-दूसरे के लिए बने हैं।
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