Home मेरठ टीपीनगर इलाके में सिस्टम के भरोसे नहीं वाशिंदे
मेरठ

टीपीनगर इलाके में सिस्टम के भरोसे नहीं वाशिंदे

टीपीनगर इलाके में सिस्टम के भरोसे नहीं वाशिंदे

Share
टीपीनगर इलाके में सिस्टम के भरोसे नहीं वाशिंदे
Share
मेरठ। महानगर का टीपीनगर का वार्ड 35 इलाके में पूरे महानगर से अलग रास्तों में जलभराव के लिए बारिश का इंतजार नहीं करना पड़ता। बगैर बारिश के ही यहां आमतौर पर जलभराव हो जाता है। नाला निर्माण के दौरान बंद की गई नाली आज तक चालू नहीं हुई, जिससे पानी की निकासी पूरी तरह रुक गई है। मुख्य नाले इतने ऊंचे बना दिए गए हैं कि गलियों की नालियों का पानी उनमें नहीं पहुंच पाता। इससे गलियों में जलभराव बना रहता है। उन्होंने बिजली व्यवस्था खराब होने और सफाई नहीं होने की भी शिकायत की। सड़कों और घरों में पानी भर रहा है, बच्चे बाहर नहीं निकल पा रहे और बीमारियां बढ़ रही हैं। इतना होते हुए भी यहां के लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सिस्टम की ओर नहीं ताकते हैं।दरअसल इस इलाके में तमाम लोग साधन संपन्न हैं। उनके अच्छे खासे कारोबार हैं, इसलिए समस्याओं का समाधान खुद ही करना जानते हैं। कुछ लोग मिलकर पैसे जमा करते हैं और जो भी समस्या होती है उसको दूर करा देते हैं। मसलन इस इलाके के लोग जनसमस्याओं के सामाधान के लिए अफसरों का मुंह नहीं ताकते ना ही उनसे कोई आग्रह या अनुरोध करते हैं। ये लोग खुद अपनी समस्याओं का समाधान कर लेते हैं। हालांकि यूं कहने को उन्होंने अपनी नुमाइंदगी भाजपाई पूनम गुप्ता को सौंपी है, लेकिन लोगों का कहना है कि जहां तक जनसमस्याओं का सवाल है तो भाजपाई पार्षद लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी हैं। जिस प्रकार महानगर के अन्य वार्ड में पार्षद बढ़चढ़ कर अफसरों से आए दिन अनुविनय व कहासुनी कर अपने वार्ड की समस्याओं का समाधान कर लेते हैं, वैसा कुछ वार्ड 35 में बिलकुल नहीं होता। यहां यदि कोई समस्या होती है तो वार्ड के लाेग खुद ही आपसी सहयोग से उसका समाधान नहीं कराते। वो लोग पार्षद की परिक्रम से परहेज बरतते हैं।

पर्ची कटती है कूडा नहीं उठता

इस वार्ड के वाशिदों को सबसे ज्यादा शिकायत सीएम ग्रीड के कामों से है। सामाजिक कार्यकर्ता सुदीप जैन का आरोप है कि गंगाजल और सीएम ग्रीड के नाम पर खुदाई कर दी लेकिन आचमन लायक भी गंगाजल नहीं मिल सका। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की पर्ची तो हर महीने कटती है, लेकिन कूड़ा गाड़ी नहीं आती और लोगों को दूर जाकर कूड़ा डालना पड़ता है। ऐसा ही उलाहना देते हुए अन्य लोगों का कहना है कि नालों की सफाई के दौरान निकाला गया कचरा लंबे समय तक वहीं पड़ा रहता है। घरों और दुकानों के बाहर कूड़े के ढेर लगे रहते हैं, जिससे दुर्गंध और मच्छरों की समस्या बढ़ जाती है। कई लोगों ने बताया कि मजबूरी में उन्हें निजी खर्च से कूड़ा उठवाना पड़ता है। सड़क और नाले खोदने के बाद उनकी मरम्मत नहीं कराई जाती, जिससे हादसे हो रहे हैं। शिकायतों के बाद भी लोगों को सिर्फ आश्वासन मिलता है। नाले की सफाई के बाद निकाला गया कचरा सड़क किनारे ही छोड़ दिया जाता है। दुकान के सामने कूड़े का ढेर लगने पर उन्हें खुद पैसे खर्च कर सफाई करानी पड़ती है। सफाईकर्मी नियमित नहीं आते, नालियों के आसपास घास और कूड़ा जमा रहता है, जिससे बारिश में जलभराव की स्थिति बन जाती है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की पर्ची तो हर महीने कटती है, लेकिन कूड़ा गाड़ी नहीं आती और लोगों को दूर जाकर कूड़ा डालना पड़ता है।

जिलाधिकारी व नगरायुक्त से मिलेंगे

बड़े व्यापारी नेता व ट्रांसपोर्टर गौरव शर्मा व अमित शर्मा से जब इस संबंध में बातचीत की गयी तो उन्होंने बताया कि इस वार्ड की प्रमुख समस्याओं की यदि बात करें तो मुख्य नाले इतने ऊंचे बना दिए गए हैं कि गलियों की नालियों का पानी उनमें नहीं पहुंच पाता। इससे गलियों में जलभराव बना रहता है। उन्होंने बिजली व्यवस्था खराब होने और सफाई नहीं होने की भी शिकायत की। चोक नालों और खराब डिजाइन के कारण बिना बारिश भी सड़कों पर पानी भर जाता है। नालों का कचरा और सड़क किनारे जमा कूड़ा लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। धेरे और जर्जर खंभों से हादसे का खतरा बना रहता है। पार्कों की टूटी दीवारें और बढ़ी घास से हालत खराब है। नालों की सफाई के दौरान निकाला गया कचरा लंबे समय तक वहीं पड़ा रहता है। घरों और दुकानों के बाहर कूड़े के ढेर लगे रहते हैं, जिससे दुर्गंध और मच्छरों की समस्या बढ़ जाती है। कई लोगों ने बताया कि मजबूरी में उन्हें निजी खर्च से कूड़ा उठवाना पड़ता है। गौरव शर्मा व अमित शर्मा ने बताया कि इस इलाके की समस्याओं को लेकर वह जल्द ही जिलाधिकारी व नगरायुक्त से मिलेगे।
Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

17 − 16 =

Related Articles

खैरनगर में दुकानों में घुसा बारिश का पानी

खैरनगर में दुकानों में घुसा बारिश का पानी

कैंट विधायक ने किया पुजारियों का सम्मान

कैंट विधायक ने किया पुजारियों का सम्मान

समस्याओं का समाधान हो तो बात बने

समास्याओं का समाधान हो तो बात बने

कांवड़ में हर 8 मिनट पर मिलेगी रैपिड

कांवड़ में हर 8 मिनट पर मिलेगी रैपिड