मेरठ। बिल आता है बिजली नहीं ऐसा कब तक चलेगा। शहर की जनता यही पीवीवीएनएल अफसरों से पूछना चाहती है। पावर के तमाम अफसरों को बगैर बिजली का बिल भरे फुल लाइट मिल रही है, लेकिन पब्लिक का क्या पब्लिक को तो भारी भरकम कई बार अनाप-शनाप बिल भरने के बाद भी बिजली नहीं मिल पाती है। ऐसे में पब्लिक करे तो करे क्या जाए तो जाएं कहां। बिजली घर जाते हैं हैं तो वहां कोई मिलता नहीं। बिजली अफसरों के पास जाते हैं तो बिजली कट के सवाल पर वो पतलून से बाहर हाेने पर उतारू हो जाते हैं। ऐसे ही मसलों को लेकर आज भाजपा और व्यापार संघ के नेता चीफ इंजीनियर रजनीकांत मिश्र से मिलने के लिए पहुंचे थे। चीफ को बताया गया कि शहर में बिजली फाल्ट हंगामे की वजह बनने लगे हैं। 3 दिन से माधवपुरम क्षेत्र में लोग सड़कों पर हैं। भाजपा नेता कमल दत्त शर्मा और अजय गुप्ता ने इन समस्याओं को लेकर चीफ इंजीनियर मेरठ रजनीकांत मिश्रा का घेराव किया और समाधान मांगा। उन्होंने नाराजगी जताई कि अफसरों के निरीक्षण के बाद भी समस्या जस की तस बनी हैं।
स्वतंत्र प्रभार मंत्री का विधानसभा क्षेत्र
यूं तो पूरे शहर में बिजली कटौती मुसीबत बनी हुई है लेकिन चीफ से मिलने के लिए जो भाजपा नेता पहुंचे थे उनके ऐजेंडा में माधवपुरम मुख्य रूप से था। लोगों का कहना है कि जब स्वतंत्र प्रभारी राज्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र का यह हाल है तो पूरे महानगर का क्या हाल होगा। बकौल चीफ शहर में बिजली की डिमांड बढ गयी है और बिजली कम है। लेकिन सवाल उठता है कि सीएम योगी बार-बार कहते हैं कि बिजली की कोई कमी नहीं है। भरपूर बिजली है। ऐसे में अफसरों का बिजली की कमी की बात कहना कहां तक मुनासिब है। लेकिन अफसरों की मानें तो बिजली की डिमांड एकाएक बढ़ने के बाद फॉल्ट भी बढ़ गए हैं। इसके चलते ट्रांसफार्मर लोड नहीं झेल पा रहे और एबीसी केवल तक पिघल कर गिर रही हैं। माधवपुरम और उसके आसपास का इलाका 3 दिन से इस समस्या से जूझ रहा है। पिछले एक महीने से माधवपुरम और उसके आसपास के इलाके बिजली फॉल्ट झेल रहे हैं। दिनभर जीतोड़ मेहनत करने वाला व्यक्ति रात में चैन की नींद भी नहीं ले पा रहा।
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