इंदौर के रीजनल पार्क स्थित आईडीए (IDA) मैदान में दो लाख छात्रों ने कराया रजिस्ट्रेशन, भाजपा के प्रति जबरदस्त नाराजगी
नई दिल्ली। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम इंदौर के रीजनल पार्क स्थित आईडीए (IDA) मैदान में काफी सफल रहा, जिसमें मध्य प्रदेश के कोने-कोने से आए युवाओं और प्रतियोगी परीक्षार्थियों का भारी हुजूम उमड़ा। इस कार्यक्रम के लिए करीब 2 लाख से ज्यादा छात्रों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था। राहुल गांधी ने ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ विषय पर करीब 60 मिनट तक युवाओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सिस्टम नहीं चाहता कि छात्र सवाल पूछें, इसलिए वह ‘अंधभक्त’ पैदा करता है। जब उन्होंने छात्रों से कहा कि युवाओं का इस व्यवस्था से भरोसा उठ गया है, तो छात्रों ने सामूहिक रूप से जवाब दिया, “सर, हम सिस्टम से हार गए हैं”।
कोई नेता गिरी नहीं
कांग्रेस ने इस इवेंट को पूरी तरह से युवाओं (Gen-Z) पर केंद्रित रखा था। पार्टी नेताओं को पहले ही निर्देश थे कि मंच या मैदान पर कोई राजनीतिक नारेबाजी, फोटोबाजी, या सेल्फी का दौर नहीं चलेगा। छात्रों और विशेष रूप से महिला अभ्यर्थियों ने भर्ती परीक्षाओं में 13% पदों को होल्ड (लंबित) पर रखने की व्यथा सुनाई, जिससे हजारों नियुक्तियां कानूनी विवादों के कारण अटकी पड़ी हैं। युवाओं ने प्रदेश में नर्सिंग परीक्षाओं में हो रही अत्यधिक देरी और अनियमितताओं पर गहरा रोष व्यक्त किया।
आवाज उठाने पर जेल
देवास के एक छात्र ने राहुल गांधी को बताया कि जब उन लोगों ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई, तो उनके खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया।राहुल गांधी ने दावा किया कि आज पूरे देश में शिक्षकों के करीब 10 लाख पद खाली पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश भर में 1 लाख सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं, जिनमें से 55% अकेले उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में हैं। उन्होंने कमलनाथ सरकार के समय ओबीसी आरक्षण को 14% से बढ़ाकर 27% करने के फैसले और बाद में पैदा हुई अड़चनों का भी जिक्र किया।
राहुल की लोकप्रियता से डरी भाजपा
छात्रों की गूंज से भाजपा घबरायी क्याे है
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच तीखा सियासी टकराव देखा गया है। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य की भाजपा सरकार राहुल गांधी के इस युवाओं से जुड़े कार्यक्रम की बढ़ती लोकप्रियता से पूरी तरह घबरा गई थी, जबकि भाजपा का कहना है कि वे किसी कार्यक्रम से डरे नहीं हैं, बल्कि वे राहुल गांधी द्वारा फैलाए जा रहे “भ्रम और झूठ” का विरोध कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पहले नेहरू स्टेडियम की अनुमति नहीं दी गई। बाद में रीजनल पार्क के मैदान के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) ने करीब ₹10 लाख का भारी शुल्क लिया और साथ ही कई कड़ी शर्तें थोप दीं। कांग्रेस ने इसे कार्यक्रम को रोकने की कोशिश बताया। कांग्रेस का यह भी आरोप था कि प्रशासन ने कोचिंग सेंटरों पर दबाव डाला और छात्रों को इस आयोजन से दूर रखने के लिए उनसे अंडरटेकिंग (घोषणा पत्र) भरवाई।
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