शत प्रतिशत मुआवजा ले चुके अपात्र किसानों को लिपिक ने दिला दिए आवास विकास की योजना में करोड़ों कीमत के प्लाट
मेरठ। सूबे की योगी सरकार के लखनऊ और स्थानीय उच्च पदस्थ अफसर राजस्व वृद्धि के लिए भले ही तमाम कवायद कर रहे हों। राजस्व में वृद्धि इसलिए की जाती है ताकि विकास योजनाओं को अमली जामा पहनाया जा सके। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े शख्स को भी विकास का सुख मिल सके, लेकिन आवास विकास परिषद शास्त्रीनगर की योजना संख्या-11 के एक लिपिक ने सरकारी खजाने को ही चूना लगा दिया है। यह रकम करोड़ों में बतायी जा रही है। मामला सीएम कार्यालय तक पहुंच गया और संबंधित लिपिक पर बिजिलेंस जांच की तलवार लटक गयी है। मामले की जानकारी मंडलायुक्त को भी दी गयी है। वहीं दूसरी ओर इस मामले की शासन स्तर से भी गोपनीय जांच की जानकारी सूत्रों ने दी है
यह है पूरा मामला
आवास विकास परिषद, शास्त्रीनगर द्वारा किसानों की भूमि का अधिग्रहण जागृति विहार विस्तार योजना संख्या – 11 के लिए किया गया था जिसमें शासनादेशानुसार / विभागीय नियमो के अन्तर्गत यह व्यवस्था थी कि जो किसान आवास विकास परिषद से अपनी भूमि का मुआवजा प्राप्त करने के लिए इकरारनामा/करार करेगा । उसे निर्धारित की गयी दर पर मुआवजा दिया जायेगा और वह किसान आवास विकास की उक्त योजना की विकसित भूमि का अधिकारी नही होगा। इसके अलावा जो किसान आवास विकास परिषद से अपनी भूमि का मुआवजा प्राप्त करने के लिए 90 प्रतिशत मुआवजा प्राप्त करने का करार / इकरारनामा करेगा, उस किसान को आवास विकास परिषद की उक्त योजना के अधिग्रहित भूमि के कुल क्षेत्रफल का 10 प्रतिशत विकसित भूमि/प्लाट दिया जायेगा। उक्त शासनादेशानुसार/विभागीय नियमों के अनुसार किसानों से भूमि का अनुबन्ध कर शतप्रतिशत अनुबन्ध करने वालो एवं 90 प्रतिशत मुआवजे का अनुबन्ध करने वालो की पृथक-पृथक सूची अनुबन्ध के साथ बनाकर अपर जिलाधिकारी, भू–अध्यापित (एडीएम एलए) के कार्यालय को मुआवजा वितरण करने के लिए प्रेषित की गयी जिसके अनुसार तात्कालिक ए0डी0एम0–एल०ए० द्वारा मुआवजे का वितरण कर दिया। यहां तक तो सब कुछ ठीक था, लेकिन इसके बाद ही असली खेल की शुरूआत हुई। सरकार को भारी भरकम रकम का चूना लगाने वाले लिपिक महेश सिंह के इस खेल का खुलासा करने वाले प्रधान रोहित निवासी निडावली मोरना अलीपुर हस्तिनापुर जिन्होंने आईजीआरएस पोर्टल, सीएम कार्यालय और मंडलायुक्त से मामले की बाकायदा शपथ पत्र देकर शिकायत की है उन्होंने बताया कि कथित आरोपी लिपिक ने जिस बड़ी रकम का चूना योगी सरकारी खजाने को लगाया है, उस रकम का बड़ा हिस्सा आरोपी लिपिक को भी मिला है।
ऐसे लगाया गया चूना
प्रधान रोहित ने जो शिकायत सीएम कार्यालय को भेजी है उसमें आरोप लगाया गया है कि उक्त लिपिक ने सांठगांठ कर आवास विकास की उक्त विकसित भूमि पाने वाले किसानो की सूची में नाम दर्ज कर राजकोष को हानि पहुंचायी है। उन्होंने बताया कि शतप्रतिशत मुआवजे का अनुबन्ध कर मुआवजा प्राप्त करने के साथ साथ 10 प्रतिशत विकसित भूमि / प्लॉट का खेल जिनमें किया गया उनमें सैक्टर 08 ब्लॉक के भूखण्ड संख्या – 48 क्षेत्रफल 200 मीटर दिया गया। सैक्टर 02 ब्लॉक के भूखण्ड संख्या – 70 क्षेत्रफल 110 मीटर लगभग। सैक्टर 2 ब्लॉक के भूखण्ड संख्या – 70 / 2 क्षेत्रफल 200 मीटर, सैक्टर 2 ब्लॉक के भूखण्ड संख्या – 109 क्षेत्रफल लगभग 60-70 मीटर। उन्होंने शिकायती पत्र में कहा है कि प्रथम दृष्टया ही राजकोष को हानि पहुंचाने का मामला है। लिपिक महेश कुमार की भूमिका बेहद संदिग्ध है। प्रधान रोहित ने सीएम योगी से मांग की है कि जनहित में राजकोष को हानि को देखते हुए अनुरोध है कि उक्त प्रकरण की उच्च स्तरीय जॉच जिलाधिकारी की अध्यक्षता में प्रशासनिक अधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम गठित कर सम्बन्धित दस्तावेजो (अनुबन्ध पत्रॉवली, मुआवजे सम्बन्धी पत्रावली, किसानो से आवास विकास परिषद द्वारा किये गये अनुबन्ध पत्रो एवं उक्त वर्णित किसानों को दिये गये मुआवजे सम्बन्धी समस्त पत्रॉजात आदि) को कब्जे में लेकर राजकोष से दिये गये मुआवजे की भूमि के क्षेत्रफल के अनुसार निर्धारित दर के सापेक्ष किये गये भुगतान की गणना कर जॉच पूर्ण करने के पश्चात् आरोपियों के दोषी पाये के उपरान्त इनके विरूद्ध विभागीय एवं कानूनी रूप से बी0एन0एस0 एवं भ्रष्टाचार की सुसंगत धाराओं में कार्यवाही कराया जाना न्यायोचित होगा।
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