सेंट्रल मार्केट और सेक्टर-13, सेक्टर-8, सेक्टर-2 छावनी में तब्दील, सुबह भारी पुलिस बल और मजिस्ट्रेट पहुंचे अफसर
मेरठ। शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो गई है। 44 सील भवनों में से बुधवार को छह भवनों पर कार्रवाई की जा रही है। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और बाजार की सीमाओं पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोकी गई है। सुप्रीमकोर्ट में 21 सितंबर को होने वाली सुनवाई से पहले आवास विकास परिषद के अफसर अपना होमवर्क पूरा करने में जुट गए हैं। वहीं दूसरी ओर शास्त्रीनगर और सेंट्रल मार्केट के आवंटियों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि प्रशासन के अफसरों ने 21 सितंबर से पहले किसी भी प्रकार का ध्वस्तीकरण ना करने का वादा किया था और आज ध्वस्तीकरण शुरू कराकर अपना वादा तोड़ दिया। हालांकि अफसरों की ओर से सफाई दी गयी है कि जिन 44 भवनों को सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर सील किया गया है, उनको ही आवंटन के समय के मूल स्वरूप में लाया जा रहा है। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के चलते पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। वहां भारी पुलिस फोर्स व जेसीबी की तैनाती के अलावा आला अफसर भी मौजूद हैं। लोगों ने हंगामा किया तो उन्हें मुकदमा दर्ज जेल भेज दिए जाने की धमकी के आरोप वहां रहने वालों ने लगाए हैं। सेंट्रल मार्केट मामले में पुलिस प्रशासन और आवास विकास की ओर से की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में पेश की जानी है। इसी रिपोर्ट से पहले सेंट्रल मार्केट में कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली गयी है। अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन की बात कहकर सवाल करने वालों से अपना पीछा छुड़ा लिया। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सेक्टर छह से शुरू की गयी। मीडिया कर्मियों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी उन्हें पुलिस ने आलाा अफसरों के हुकूम की बात कहकर बाहर ही रोक दिया।
रात के अंधेरे में तैयारी दिन निकलते ही मारामारी
आवास विकास, प्रशासन और पुलिस के अफसरों ने रात के अंधेरे में कार्रवाई को अंजाम देना शुरू किया। लोगो नें बताया कि रात करीब एक बजे से दो बजे के मध्य अचानक बाहर से आवाजें सुनाई दी तो वो बाहर निकल आए। उन्होंने देखा की पुलिस की कई गाड़ियां आ गयी हैं। पुलिस वालों ने बैरीकेटिंग लगानी शुरू कर दी है। कुछ देर बाद वहां जेसीबी पहुंची शुरू हो गयीं। लोगों को समझ में आ गया कि बुधवार की सुबह को प्रशासन के अफसर क्या करने जा रहे हैं। यह भी जानकारी दी गयी कि कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी और एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने अपने-अपने विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। कानून-व्यवस्था को लेकर तैयारी की गई। आज सुबह जब कार्रवाई शुरू की गयी तो उससे पहले ही सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान प्रशासन और आवास विकास परिषद के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। एडीएम सिटी और एसपी सिटी समेत पुलिस अधिकारी पूरे क्षेत्र की व्यवस्था संभाल रहे। एडीएम सिटी ने बताया कि सेंट्रल मार्केट में जिन छह भवनों पर बुलडोजर चल रहा है, वे उन 44 सील संपत्तियों में शामिल हैं, जिन पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार इन भवनों को उनके मूल स्वरूप में लाने की कार्रवाई की जा रही है। छह भवनों में सेटबैक नहीं दिए जाने की बात अफसरों ने बतायी जिसकी वजह से कार्रवाई की गई। गुरुद्वारा रोड से सेक्टर-2 की ओर जाने वाले मार्ग पर पुलिस ने यातायात नियंत्रित कर रखा है। इसी रास्ते से एक और बुलडोजर सेंट्रल मार्केट की ओर भेजा गया। पुलिस ने पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर दी थी।
लोगों पर टूटी मुसीबत
पूरा रास्ता सील कर दिए जाने की वजह से इस इलाके में रहने वाले लोगों पर मुसीबत टूटी। पुलिस ने उनके घरों पर पहरा बैठा दिया। बाहर नहीं निकलने दिया गया। जो बाहर निकल गए थे उन्हें घर की तरफ नहीं जाने दिया गया। कुछ लोग ने बताया कि वो बच्चों को स्कूल छोड़ने के बाद किसी दूसरे काम से घर से निकले थे, लेकिन जब लौटे तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। घर नहीं जाने दिया। उन्होंने बताया कि वो दुकान और नौकरी पर जाते हैं, उन्हे समझ नहीं आ रहा है कि घर जाए बगैर कैसे डयूटी पर जाएं। वहीं दूसरी ओर पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है।
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