शारदा रोड पर अचानक मकान सड़क पर गिरा, हो सकता था बड़ा हादसा, कुछ लोग बाल बाल बचे
मेरठ। ब्रह्मपुरी के शारदा रोड के घनी आबादी वाले इलाके में रविवार को एक पुराना मकान अचानक खुद ही सड़क पर आ गिरा। जिस वक्त मकान गिरा वहां से कई लोग गुजर रहे थे। वो बाल-बाल चपेट में आने से बचे। हादसे की सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंच गई। मकान के मलबे में सड़क पर खड़ी कार दब गई। हालांकि हादसे के दौरान आसपास मौजूद दुकानदारों में खलबली मच गई। हादसा दोपहर के समय उस वक्त हुआ जब हल्की बारिश हो रही थी। मकान भरभराकर गिर गया। इस मकान के सामने कई दुकानें, रेस्टोरेंट और हैं। मकान के पास रोड के किनारे दिल्ली के एक व्यापारी नीमेष गुप्ता की कार खड़ी थी। मकान में रखी टीनशेड और दीवार का मलबा आकर कार की बोनट पर गिर गया। जिसे हटाने के लिए जेसीबी मंगाई गई। मौके पर पुलिस पहुंच गई। यह मकान दिल्ली चुंगी निवासी सोहन लाल गोयल का है। जर्जर होने के बाद से खाली कर दिया था। उसमें कोई रहता नहीं था। मकान गिराऊ है, ये पोस्टरलगा दिया गया था। व्यापारी का आरोप है कि नगर निगम द्वारा बनाए जा रहे सीएम ग्रिड योजना के तहत नाला निर्माण के दौरान मकान की नींव से सटाकर खोदाई कर दी गई, जिससे मकान की सामने की दीवार तिरछी हो गई थी। मकान की सभी दीवारों में नाले के पानी की वजह से धीरे-धीरे दरारें बढ़ती गई और मकान का काफी हिस्सा सड़क पर आ गया। मकान मालिक सोहनलाल गोयल का कहना है कि डीएम, एसएसपी और नगर निगम को पत्र लिखकर नाले की वजह से मकान जर्जर होने और दरार आने की स्थिति की जानकारी दी गई थी। मकान गिरने की आशंका व्यक्त की गई थी। मुआवजे की मांग भी की गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
ये है पूरा मामला
शारदा रोड स्थित संपत्ति के मालिक सोहन लाल गोयल की पत्नी मंजू गोयल ने नगर आयुक्त को लिखे पत्र में अवगत कराया था कि नगर निगम द्वारा सड़क किनारे नाला निर्माण का कार्य कराया गया था। इस कार्य के कारण पुरानी इमारत और भी अधिक जर्जर स्थिति में पहुंच गई है।भवन स्वामी का आरोप है कि भूतल पर बनी दुकान में अमन कुमार पुत्र सतीश कुमार बतौर किरायेदार काबिज है। मकान और दुकान की स्थिति अत्यंत खतरनाक होने के बावजूद किरायेदार दुकान खाली करने को तैयार नहीं है। जिसके कारण भवन स्वामी खुद इसे नहीं गिरवा पा रहे हैं। पत्र में उल्लेख किया गया है कि आगामी बारिश के मौसम में यह जर्जर बिल्डिंग कभी भी अचानक गिर सकती है जिससे आसपास के लोगों और राहगीरों के जान-माल को बड़ा नुकसान हो सकता है। भवन स्वामी ने स्पष्ट किया था कि यदि समय रहते प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई नहीं की गई और कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी नगर निगम की होगी। इस शिकायत पत्र जिलाधिकारी , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और थानाध्यक्ष ब्रह्मपुरी को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए दिया गया था।
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