गंगा कालोनी में नाले नालियों की सफाई ना होने की वजह से घरों के सामने बन गया है, महापौर भी नहीं करा सके सफाई
मेरठ। शहर के गंगा कालोनी इलाके से लोग घर बेचकर जाने या फिर घरों पर ताले लगाकर पलायन को मजबूर हैं। घर होते हुए भी ये लोग किराए के मकानों में रह रहे हैं। उनका कहना है कि गंगा कालोनी का पूरा इलाका नरक में तब्दील हो चुका है। महापौर से शिकायत की तो केवल आश्वासन मिला। लगता है कि अब महापौर की बातों को नगर निगम के अफसर तवज्जो नहीं देते हैं। उनकी कोई बात नहीं सुनी जा रही है। ऐसे में भला पयालन ना करें तो क्या करें, क्योंकि गंगा कालोनी के घर मकान इस लायक नहीं रह गए हैं कि उनमें रहा जाए। नाली और सीवर का पानी घरों में घुस आता है।
लोगों में है नाराजगी
नगर निगम के वार्ड नंबर-2 स्थित गंगा कॉलोनी में जलभराव से परेशानी बनी हुई है। लोगों में नगर निगम के प्रति नाराजगी है। लोगों का कहना है कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि उन्हें यहां से पलायन करने तक की स्थिति बन रही है बीते फरवरी माह में । गंगा कॉलोनी की महिलाएं अपनी समस्या लेकर महापौर कार्यालय पहुंची थीं। उन्होंने महापौर को जलभराव की समस्या से अवगत कराया था। महापौर ने जल्द मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करने और समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया था। इसके बाद महिलाओं को महापौर की सरकारी गाड़ी से उनके घर तक छुड़वाया गया था। अगले दिन महापौर ने क्षेत्र का निरीक्षण भी किया था। उस दौरान जलभराव की समस्या देखकर जल्द समाधान के दावे और आश्वासन दिए गए। लोगों को उम्मीद थी कि अब समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार, निरीक्षण के बाद न तो कोई प्रभावी काम शुरू हुआ और न ही निगम की ओर से कोई मदद पहुंची।
सुनने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं
लोगों ने बताया कि जलभराव के कारण घरों से निकलना मुश्किल है और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने और निगम कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। गंगा कॉलोनी में रहने वाली महिलाओं ने बताया कि महापौर के निरीक्षण के बाद अब तक लगभग 6 महीने से ज्यादा का समय हो चुका है । इस बीच में करीब 6-7 बार नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं। अधिकारियों से समस्या बताने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। लोगों का आरोप है कि महापौर के निरीक्षण के बाद दोबारा कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि मौके पर स्थिति देखने तक नहीं पहुंचा। हापौर कार्यालय, निगम कार्यालय सभी जगह शिकायत करते के बाद भी सिर्फ निरीक्षण हुआ कोई समाधान नहीं। महापौर के निरीक्षण और आश्वासन के बाद उन्हें उम्मीद थी कि जल्द राहत मिलेगी, लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें अपने घर छोड़कर दूसरी जगह जाने पर मजबूर होना पड़ सकता है क्योंकि कुछ परिवार ऐसा कर भी चुके हैं।
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