नई दिल्ली/मुंबई। मोबाइल की वजह से महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर ज़िले के तीसगांव में एक पूरा परिवार ही खत्म हो गया। वारदात 21 अगस्त को हुई, जिसमें मुरलीधर दामोदर चांदगुडे, उनकी पत्नी संगीता मुरलीधर चांदगुडे और बेटे कुणाल मुरलीधर चांदगुडे खत्म हो गए। बताया जाता है कि दिल को दहला देने वाली इस घटना की शुरूआत मोबाइल फ़ोन को लेकर परिवार में हुए विवाद से हुई। जिसके बाद कुणाल चांदगुडे पास के एक पहाड़ पर पहुंच कर कूदने की धमकी दे रहे थे।
बहुत समझाया नहीं मानें
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच भी गयी। वहां मौजूद पुत्र को काफी समझाया। पुलिस, दमकलकर्मियों की एक टीम और स्थानीय नागरिक मौके पर पहुंचे। युवक को समझाने की काफ़ी कोशिश की गई। पहाड़ के नीचे सुरक्षा जाल भी लगाया गया।हालांकि, कुणाल बार-बार अपनी जगह बदल रहा था, जिससे बचाव अभियान में परेशानी हुई। इसी दौरान कुणाल के पिता मुरलीधर चांदगुडे मौके पर पहुंचे। उन्होंने अपने बेटे को बचाने और उसे चट्टान के किनारे से दूर खींचने की कोशिश की। उनका संतुलन बिगड़ गया और वह अपने बेटे के साथ गहरी खाई में गिर गए।
पति व पुत्र की मौत के सदमे में दी जान
संगीता मुरलीघर ने जब पति और पुत्र की मौत को देखा तो सदमे में उन्होंने भी अपनी जान दे दी। इस तरह एक छोटे से मोबाइल की वजह से पूरा हंसता खेलता परिवार ही खत्म हो गया। इस घटना को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रामेश्वर गाडे ने बताया कि “21अगस्त को सूचना मिली थी कि खावड्या पहाड़ पर एक व्यक्ति अपनी जान लेने की तैयारी कर रहा है. पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची और युवक को समझाने की कोशिश की।””उसे बचाने के लिए नीचे एक जाल भी लगाया गया था. हालांकि, वह लगातार अपनी जगह बदल रहा था. इसी दौरान उसके पिता वहां पहुंचे और बेटे को बचाने की कोशिश करते समय दोनों खाई में गिर गए।” रामेश्वर गाडे ने आगे बताया, “इसके बाद मां ने भी छलांग लगा दी। पुलिस और दमकलकर्मियों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की।”
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