नई दिल्ली। पेपर लीक मामलों के चलते 21 युवाओं की मौत के बाद शुरू हुए आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेने वाली सीजेपी ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र संगठनों ने केंद्र सरकार पर 25 जुलाई के समझौते से पीछे हटने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रदर्शन खत्म होने के बाद भी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियां जारी हैं। युवाओं को घरों से उठाया जा रहा है। उन्हें जेलों में ठूंसा जा रहा है। यह सब नहीं रुका तो दोबारा जंतर मंतर पर जुटेंगे। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ हुई वार्ता के बाद 25 जुलाई को आंदोलन वापस लिया गया था। सरकार ने सहमति जताई थी कि आंदोलनकारियों पर कोई नई कार्रवाई नहीं होगी और पुरानी एफआईआर वापस ली जाएंगी।
देश भर में अरेस्टिंग
आंदोलन खत्म होने के बाद सरकार पर देश भर में युवाओं की अरेस्टिंग के आरोप लगाए जा रहे हैं। बिहार और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में छात्रों को अब भी गिरफ्तार किया जा रहा है। आरोप है कि सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने के वादे का पालन नहीं किया जा रहा है। CJP ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द लिखित समझौता नहीं देती है, तो वे फिर से आंदोलन शुरू करेंगे।
एक करोड़ का एलान
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और अन्य सदस्यों ने वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के साथ मिलकर प्रेस कॉन्फ़्रेंस की जिसमें कपिल सिब्बल ने अरेस्ट किए गए युवाओं को कानूनी सहायकता के लिए एक करोड़ की रकम का एलान किया। वहीं दूसरी ओर सीजेपी ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पुलिस कार्रवाई न करने के ‘समझौते का उल्लंघन’ हो रहा है। वहीं कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके बताया है कि दिल्ली और बिहार में स्टूडेंट्स को चिन्हित करके उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। प्रदर्शन के बाद पुलिस कार्रवाई न किए जाने पर भी सहमति बनी थी। सीजेपी ने चेतावनी दी है कि अगर यह कार्रवाई नहीं रोकी गई तो उन्हें फिर से प्रदर्शन करना पड़ेगा। सीजेपी ने मांग की है कि सरकार के साथ क़ानूनी मामलों को लेकर हुआ लिखित समझौता मंगलवार तक साझा किया जाए। पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि “हम देख रहे हैं कि प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पुलिस कार्रवाई नहीं करने के समझौते का पूरी तरह उल्लंघन हो रहा है। बिहार और बंगाल में सैकड़ों छात्रों को गिरफ़्तार किया गया है, जबकि दिल्ली और दूसरे राज्यों में सैकड़ों छात्रों पर नज़र रखी जा रही है और उन्हें परेशान किया जा रहा है।” उन्होंने आगे लिखा, “दिल्ली से कई ऐसी ख़बरें भी सामने आ रही हैं कि प्रदर्शनकारियों तक ज़रूरी सामान पहुंचाने में मदद कर रहे वॉलंटियर्स को हिरासत में लिया जा रहा है।” उनका इशारा यूपी में जुबेर की ओर था।
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