मेरठ। मानसून की आहट के चलते नगर निगम ने शहर के तमाम प्रमुख नालों की सफाई का काम तेज करा दिय है। तमाम बड़े नालों जहां दिन में सफाई कराना भीड़ की वजह से संभव नहीं है वहां लेट नाइट भारी भरकम पोर्कलेन मशीनों को लगाकर नाले साफ कराए जा रहे हैं। दो दिन पहले पीएसी सोफीपुर वाले नाले की समुचित सफाई करा दी गयी है। इस नाले का बड़ा हिस्सा जंगल के रास्ते होकर जाता है। इसके अलावा दिल्ली रोड, आबू नाला, ओडियन नाला और कसेरूखेड़ा नाले तमाम नालों की सफाई कार्य कराया जा रहा है। नगरायुक्त सौरभ गंगवार लगातार नाला सफाई कार्य की रिपोर्ट ले रहे हैं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी अमर सिंह अवाना खुद नालों की साइट पर पहुंचकर सफाई कार्य का जायजा ले रहे हैं।
नालों की सफाई के बाद निकाली जाने वाली सिल्ट को भी तुरंत हटवाया जा रहा है। दरअसल कई बार नालों को साफ करने के बाद जो सिल्ट निकलती है वहो किसी भी प्रकार बहकर नाले में दोबारा पहुंच जाती है। इसकी शिकायत तमाम पार्षदों ने नगरायुक्त से की थी। उसके बाद नगरायुक्त ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को हाथों हाथ सिल्ट भी नाला साइडों से हटवाए जाने के निर्देश दिए हैं। अब नाला सफाई के साथ-साथ सिल्ट भी हटवायी जा रही है। कई बड़े नालों से सिल्ट निकालकर उसे तुरंत उठाने का कार्य रात के समय मशीनों के माध्यम से सुनिश्चित किया जा रहा है। मानसून से पहले जलनिकासी सुनिश्चित करने के लिए विशेष नाला-नाली गैंग बनाकर दिन-रात सफाई का अभियान चलाया जा रहा है। ओडियन नाला, कसेरूखेड़ा नाला, आबूनाला, और दिल्ली रोड के मुख्य नालों पर रात में सफाई का फोकस है। अत्यधिक जलभराव वाले क्षेत्रों में पंपसेट और कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं। पूरे महीने दिन-रात नाला सफाई चलेगी। ओडियन नाले से शुरुआत हो गई है। कसेरूखेड़ा नाला, आबूनाला, दिल्ली रोड नाले सहित सभी बड़े नालों की सफाई मशीनों से रात में की जाएगी। इसके अलावा महानगर के तमाम मुहल्ले की नालियों की सफाई के लिए प्रत्येक वार्ड में स्वच्छता कर्मियों की टीम लगा दी गई है। बच्चा पार्क,ईदगाह, मनसबिया, इंदिरा चौक की भूमिगत नाले की क्रासिंग की सफाई कराई जा चुकी है। अत्यधिक जलभराव वाले क्षेत्रों में जैसे डिफेंस कॉलोनी, जिमखाना, लेडीज पार्क, माधवपुरम, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में रेन वाटर हार्वेस्टिंग कराए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नगरायुक्त सौरभ गंगवार ने बताया कि वह स्वयं भी सुबह के समय नालों की सफाई का निरीक्षण कर रहे हैं।
नगर निगम ने माधवपुरम को अत्यधिक जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल किया है। मानसून के दौरान पानी के जमाव को रोकने के लिए इस क्षेत्र में रेन वाटर हार्वेस्टिंग (भूजल पुनर्भरण) प्रणाली स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब तक हो चुका है क्षेत्रीय लोगों ने मुख्य नालों की सफाई के साथ-साथ यहां आंतरिक सीवर नेटवर्क और सड़कों की मरम्मत की भी मांग की है। कंकरखेड़ा क्षेत्र के बड़े नालों (जैसे सोफीपुर नाला और बाईपास से जुड़े नाले) से गाद (सिल्ट) निकालने के लिए विशेष ‘नाला-नाली गैंग’ को लगाया गया है। जलभराव की त्वरित शिकायतों के समाधान के लिए नगर निगम द्वारा बनाए गए विशेष कंट्रोल रूम और पंपिंग सेट की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही, हाल ही में कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के तहत अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई की गई है ताकि जलनिकासी का रास्ता बाधित न हो। शास्त्रीनगर के सेक्टर-5 और 6 के मुख्य नालों में कचरा जमा होने और झाड़ियों के उगने के कारण जलभराव की गंभीर शिकायतें थीं। नगर निगम ने इन इलाकों के भूमिगत नालों पर काम शुरू करा दिया है।
अब तक यह हुआ
नाला सफाई को लेकर निगम प्रशासन इस बार बेहद सतर्क है। दरअसल नालों की सफाई को लेकर पार्षद और पब्लिक नगर निगम प्रशासन को कठघरे में खड़ा करते रहे हैं। पिछले दिनों वार्ड साठ के पार्षद नीरज कुमार खुद अपने वार्ड के नाले को साफ करने के लिए फावडा लेकर नाले में उतर गए थे। इसके अलावा महानगर के सबसे बड़े और पुराने नालों में शुमार ओडियन नाले की सफाई की दुर्दशा देखने के लिए नगरायुक्त सौरभ गंगवार स्वयं मौके पर मुआयना करने जा पहुंचे थे। उनकों पूर्व पार्षद व रालोद नेता अब्दुल गफ्फार व एआईएमआईएस फजल करीम के पार्षद ने ओडियन नाले की सफाई का जायजा लेने के लिए बुलाया था। वहां की हालत देखकर नगरायुक्त ने माना कि वाकई स्थिति गंभीर है। उसके बाद वहां सफाई के लिए कार्य योजना तैयार की गयी। नगर आयुक्त सौरभ गंगवार के निर्देशानुसार पूरे महानगर में दिन-रात सफाई अभियान चलाए जाने की जानकारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने दी है।
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