Home मेरठ धर्मेन्द्र भारद्वाज के तीन शिक्षण संस्थानों पर ईडी का छापा
मेरठ

धर्मेन्द्र भारद्वाज के तीन शिक्षण संस्थानों पर ईडी का छापा

धर्मेन्द्र भारद्वाज के तीन शिक्षण संस्थानों पर ईडी का छापा

Share
धर्मेन्द्र भारद्वाज के तीन शिक्षण संस्थानों पर ईडी का छापा
Share

मेरठ के महावीर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नेलॉजी, रुड़की के आरआईएमएमएस और मदरहुड इंस्टीट्यूट पर पहुंचे ईडी अफसर

मेरठ। महानगर की शहर विधानसभा सीट से भाजपा से टिकट के प्रमुख दावेदार माने जा रहे एमएलसी धर्मेन्द्र भारद्वाज के शिक्षण संस्थानों पर ईडी की रेड पड़ी है। आरोप है कि सरकार की ओर से कमजोर वर्ग के छात्रों को दी जाने वाले सहायता में फर्जीवाड़ा किया गया है। कार्रवाई मेरठ व उत्तराखंड सहित तीन स्थानों पर चल रही है। यह भी पता चला है कि प्रर्वतन निदेशालय ने तीन शिक्षण संस्थानों से 13.83 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की हैं। ये शिक्षण संस्थान मेरठ से भाजपा एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज के हैं। जांच के दायरे में उत्तराखंड की दो और मेरठ की एक यूनिवर्सिटी शामिल है।

भाजपा एमएलसी के बताए जा रहे तीन शिक्षण संस्थानों जिनमें मेरठ के महावीर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रुड़की स्थित आरआईएमएस (RIMS) और मदरहुड इंस्टीट्यूट पर आज सुबह ईडी अफसरों की टीमें पहुंचीं। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए निर्धारित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में कथित फर्जीवाड़े और धन के दुरुपयोग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है।

करीबियों ने बताया कि छात्रवृत्ति हड़पने का मामला पुराना चला आ रहा है। वर्ष 2011-12 से 2016-17 के बीच अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए जारी की गई छात्रवृत्ति में अनियमितताओं का आरोप है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत जारी धनराशि के वितरण में कथित रूप से फर्जीवाड़ा किया गया। पात्र छात्रों के नाम पर छात्रवृत्ति राशि का गलत तरीके से लाभ उठाया गया और सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ। इसी मामले में आर्थिक अनियमितताओं की जांच के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की है। जांच एजेंसियां संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार कुर्क की गई संपत्तियों का संबंध इसी कथित छात्रवृत्ति घोटाले से जोड़ा गया है। वैसे यह भी बताया गया है कि एससी/एसटी छात्रवृत्ति घोटाले की जांच वर्ष 2020 से जारी है।

अब तक पांच मामले

ईडी इस मामले में पांच अभियोजन शिकायतें (प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट) विशेष पीएमएलए अदालत, देहरादून में दाखिल कर चुकी है और पांच अस्थायी कुर्की आदेश जारी कर चुकी थी। फिलहाल इस मामले में जारी छठा प्रोविजनल अटैचमेंट आर्डर है।अन्य आरोपितों तथा संपत्तियों की भी पड़ताल की जा रही है। वहीं जांच में पाया गया कि घोटाले से अर्जित रकम को विभिन्न बैंक खातों के जरिए घुमाकर अचल संपत्तियों और अन्य परिसंपत्तियों में निवेश किया गया। सूत्रों ने जानकारी दी है कि जहां आज कार्रवाई चल रही है उन संस्थानों द्वारा 6,208 छात्रवृत्ति दावों को प्रोसेस कराया गया, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 27.98 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति राशि वितरित हुई। इनमें से करीब 19.74 करोड़ रुपये सीधे संस्थानों के बैंक खातों में और लगभग 8.24 करोड़ रुपये छात्रों के नाम पर संचालित खातों में जमा किए गए 2,895 दावे पाए गए है। फर्जी ईडी की जांच में कुल 2,895 छात्रवृत्ति दावे फर्जी पाए गए। इनमें अनुपस्थित छात्र, परीक्षा में असफल छात्र, विश्वविद्यालय में पंजीकृत न होने वाले छात्र, गैर-संबद्ध पाठ्यक्रमों के छात्र तथा कॉलेज रिकॉर्ड में मौजूद न होने वाले या डुप्लीकेट छात्रों के नाम शामिल थे। जांच में यह भी सामने आया कि छात्रों के नाम पर बैंक खाते खोले और संचालित किए गए, जिन पर कॉलेज प्रबंधन और कर्मचारियों का नियंत्रण था। छात्रवृत्ति की राशि जमा होने के बाद उसे संस्थानों को वापस ट्रांसफर कर दिया जाता था या नकद निकाल लिया जाता था, जिससे योजना के मूल उद्देश्य को नुकसान पहुंचा। छात्र वृत्ति घोटाले के नाम पर जो रकम डकारी गयी उस रकम का उपयोग संपत्तियां खरीदने तथा अन्य खर्चों में किया बताया जा रहा है। सुनने में आया है कि ईडी ने लगभग 13.83 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय की पहचान की है।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

seventeen + 11 =

Related Articles

सीएम ग्रिड के कामों में रूकावट बना है निगम का ठेकेदार

सीएम ग्रिड के कामों में रूकावट बना है निगम का ठेकेदार

नगर निगम के कर्मचारी नेताओं ने देहलीगेट पर तहरीर दी

नगर निगम के कर्मचारी नेताओं ने देहलीगेट पर तहरीर दी

योगी सरकार में प्रदेश युवाओं के कौशल नई दिशा

योगी सरकार में प्रदेश युवाओं के कौशल नई दिशा