नई दिल्ली। यूपी के अयोध्या में श्रीराम मंदिर में करोड़ों के चढ़ावे चोरी मामले को लेकर बजरंग दल के पूर्व नेता व फायरब्रांड हिन्दू नेता माने जाने वाले विनय कटियार ने आज जमकर भड़ास निकाली और उन्होंने अयोध्या पहुंचने की बात कही है। उनके बयान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह कह रहे हैं कि उनके पहुंचने के बाद से वहां से सभी चोर गायब हो जाएंगे। वह खुद उन्हें वहां से भगाएंगे। अयोध्या के ज़िलाधिकारी शशांक त्रिपाठी का कहना है कि , “राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर जो भी आरोप लगाए गए हैं, उनके संबंध में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद संबंधित तथ्यों और जानकारियों को सार्वजनिक किया जाएगा।”
एसआईटी पहुंची अयोध्या
इस मामले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने राम मंदिर में चंदा विवाद की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी में आईएएस विजय विश्वास पंत, आईपीएस किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं। यह विशेष जांच दल (एसआईटी) सोमवार को अयोध्या पहुंच गया। विपक्षी पार्टियों ने एसआईटी पर अविश्वास जताते हुए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज से जांच कराने की मांग की है।
अयोध्या से समाजवादी पार्टी की सरकार में मंत्री व पूर्व विधायक पवन पांडेय ने आरोप लगाया है, “यह लूट कोई नई नहीं है. जब से यह ट्रस्ट (श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र) बना है तब से भ्रष्टाचार चल रहा है।” “पहले ट्रस्ट की ज़मीन का घोटाला सामने आया था और बाद में महीपाल सिंह जो चढ़ावे की रक़म की गिनती करवाते थे। उन्होंने चढ़ावे की रक़म की चोरी की शिकायत की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हम अयोध्यावासी हैं, हम देख रहे हैं जो मंदिर में दस-पंद्रह हज़ार की नौकरी करते थे वो क्या से क्या हो गए।” लेकिन इस बार यह मामला तब राजनीतिक बहस का विषय बन गया जब पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसे अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों की रक़म ग़ायब पायी गई है। कोई भी सफ़ाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता है. न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की माँग है क्योंकि इसका सीधा संबंध वैश्विक स्तर पर समस्त सनातनी समाज की प्रभु राम में गहरी आस्था से जुड़ा है।
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