नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी नॉर्वे दौरे से पहले नॉर्वे के पूर्व पर्यावरण मंत्री और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के पूर्व प्रमुख एरिक सोलहेम ने उनकी जमकर प्रशंसा की है। उन्हें दुनिया का नेता बताया। सोलहेम ने पीएम मोदी को दुनिया का सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता बताते हुए कहा कि पश्चिमी देशों के नेताओं को उनकी ‘ग्रीन ग्रोथ’ नीति से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। यहां बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी यूरोप यात्रा के तहत 18 और 19 मई को नॉर्वे की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नार्वे दौरा इसलिए भी खास है क्यों कि किसी भारतीय प्रधानमंत्री का 43 साल बाद यह नार्वे का दौरा है। इस दौरे को नार्वे सरकार काफी अहमियत दे रही है, क्योंकि 1983 के बाद यानी 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला नॉर्वे दौरा है। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम, महारानी सोन्या और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। पीएम ओस्लो में ‘तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन’ में हिस्सा लेंगे, जिसमें नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के नेता शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूरोप के दौरे के वक्त नॉर्वे जाएंगे। 18-19 मई की नॉर्वे की यात्रा के दौरान वह तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। पीएम मोदी की यह पहली नार्वे यात्रा होने जा रही है, जो पिछले 43 वर्षों में भारत के किसी प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक नॉर्वे यात्रा होगी। यह वही नॉर्वे है, जहां के कुछ हिस्से में छह महीने का दिन और छह महीने की रात होती है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर पीएम मोदी नॉर्वे क्यों जा रहे हैं? व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष ‘इंडिया-नॉर्वे बिज़नस एंड रिसर्च समिट’ का आयोजन किया जा रहा है। नॉर्वे का सॉवरेन वेल्थ फंड (GPFG) भारत के पूंजीगत बाजारों में एक बड़ा निवेशक है।
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