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डाक्टर तो छोड़िए साहब पांच रुपए वाली सीरिज तक नहीं

डाक्टर तो छोड़िए साहब पांच रुपए वाली सीरिज तक नहीं

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डाक्टर तो छोड़िए साहब पांच रुपए वाली सीरिज तक नहीं
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 हेल्थ सेंटर

मेरठ। पुराने शहर की एक बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सेवा देने के नाम पर नगर निगम के वार्ड ४७ गौरीपुरा ब्रह्मपुरी में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचलित किया जा रहा है अरबन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एक अरसे से बीमार है। यह मरीजों का इलाज तो बाद में करेगा फिलहाल तो इसको खुद एक सरकारी चिकित्सक की दरकार है। इसकी हालत कितनी नाजुक है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर यह खुद वेंटिलेटर पर है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि इंजेक्शन लगाने के लिए महज पांच रुपए कीमत वाली सीरिज तक यहां पर मरीजों को अपने पास से लानी होती है। सीएमओ कार्यालय यहां सीरिज तक की व्यवस्था नहीं करा पा रहा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सबके स्वास्थ्य की बात करने के सूबे की योगी सरकार के अफसरों के दावे खुद कितने बीमार हैं। आरटीआई एक्टिविस्ट कुलविंदर कंडारी ने ब्रह्मपुरी के अरबन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की पड़ताल करायी। जिस वक्त हम लोग वहां पहुंचे तो एक युवक जिसने अपने बारे में कुछ भी बताने से साफ इंकार कर दिया। यहां तक कि वह बात भी करने को तैयार नहीं था, लेकिन जब काफी कुरेदा तो बात करने के लिए राजी हो गया।  इस युवक ने बताया कि कई माह से यहां ना तो डाक्टर आ रहे हैं और ना ही दवाएं भेजी जा रही हैं। ब्रह्मपुरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इस बड़े इलाके की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने के नाम पर संचालित किया जा रहा है, लेकिन फिलहाल तो यह खुद बीमार है। इस युवक ने बताया कि स्टाफ के नाम पर यहां पर वह अकेला ही तैनात है। वह खुद ही साफ सफाई करता है। और जो मरीज आ जाता है उनको अटैंड करने का भी जिम्मा उसी का है। वहीं दूसरी ओर आरटीआई एक्टिविस्ट कुलविंदर कंडारी ने बताया कि यहां की बदइंतजामियों को लेकर अनेक लोग उनसे शिकायत कर चुके हैं। डाक्टर के ना होने और दवाएं भी ना मिलने की शिकायतें पूर्व भी लोगों ने उसने की थीं। उसके बाद उन्होंने यहां पड़ताल की और फिर खुद इस संवाददाता को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचा।

डाक्टर के बगैर इलाज

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कुछ महिलाएं भी दवाएं लेने को पहुंची हुई थीं। उन्होंने बताया कि जब डाक्टर ही नहीं है तो फिर इलाज किस प्रकार का किया जा रहा होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने लाचारी जाहिर करते हुए बताया कि प्राइवेट डाक्टर काफी फीस ले लेते हैं और सरकारी में डाक्टर मिलते ही नहीं। ऐसे में जाए तो जाए कहां। इलाज के नाम पर जिस बीमार व्यवस्था से रूबरू होना पड़ रहा है, उसको ही उन्होंने अब अपना नसीब मान लिया है। इन महिलाओं ने बताया कि सबसे पहला काम यहां डाक्टर भेजे जाने का किया जाना चाहिए। आरटीआई एक्टिविस्ट कुलविंदर कंडारी उर्फ मनोज ने बताया कि यहां की बदइंतजामी की स्थानीय स्तर यानि मंडलायुक्त व जिलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्साधिकारी के यहां वह शिकायत कर चुके हैं। अब उन्होंने इस मामले को लेकर सीएम पोर्टल पर शिकायत भेजी है। उन्होंने उम्मीद जाहिर की है कि मामला सीएमओ कार्यालय के संज्ञान में लाए जाने के बाद जरूर यहां की अव्यवस्थाएं अब सुधर सकेंगी।

यह बोले सीएमओ

मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अशोक कटारिया ने बताया कि गौरीपुरा ब्रह्मपुरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टर की कमी का मामला वह दिखाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि ब्रह्मपुरी में जो मुख्य प्रथमिक स्वास्थ्य केंद्र है वहां डाक्टर नम्रता की तैनाती है। लेकिन गौरीपुरा का मामला वह दिखवा लेंगे। वहां भी व्यवस्था करा दी जाएगी।
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