मेरठ। सेंट्रल मार्केट और खासतौर से सेक्टर दो के धरने पर बैठे व्यापारियों के करीब जाने वाले नेताओं को मैसेज पहुंच गए हैं कि यदि बाज नहीं आए तो खैर नहीं। व्यापारियां से पहले ही कह दिया गया है कि किसी भी दल के नेता को यदि पास बुलाया और सरकार के खिलाफ कुछ भी उगला तो कार्रवाई के लिए तैयार रहीं। हालांकि सेंट्रल मार्केट से जुड़े भाजपा के नेताओं से बातचीत में पूरी सावधानी बरती जा रही है। भाजपा के नेता भी कार्रवाई के पीछे की मजबूरी समझ रहे हैं। वो भी अब बजाए सरकार के खिलाफ बाेलने के आवास विकास परिषद के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है, लेकिन इतना बिना किसी हिचक के मान रहे हैं कि केवल और केवल व्यापारियों को उत्पीड़न हो रहा है। हिन्दू संगठन के सचिन सिरोही पर तो मुकदमा ही कर दिया गया। इसके पीछे बाकि नेताओं को संदेश दिए जाने की थीम पर काम करना बताया जा रहा है। संदेश साफ है कि यदि सेंट्रल मार्केट और सेक्टर दो में धरना दे रहे व्यापारियों से हमदर्दी जतायी तो फिर हमारी कोई हमदर्दी आपसे नहीं रहने वाली है। तय आपको करना है कि किस तरफ की हमदर्द चाहिए।
अफसरों ने नोंकझोक
प्रशासन के अफसर आज फिर सेंट्रल मार्केट पहुंचे। वह सबसे पहले सेक्टर दो पहुंचे जहां व्यापारियों के परिजन धरना दे रहे हैं। धरने पर आज कई बार हंगामे सरीखे हालात पैदा हुए। दरअसल जो अफसर वहां बात करने या कहें समझाने पहुंचे थे उन्होंने कहा कि नेताओं से दूर रहे और जो कुछ हो रहा है सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर हो रहा है। हालांकि उन्होंने आवास विकास के सेटबैक के नोटिस पर कुछ भी सुनने औरक कहने से इंकार कर दिया। साीधे ना कहकर उन्होंने यहां तक कह दिया कि यदि हंगामा किया तो पुलिस यहां उठा देगी। महिलाएं बोली ऐसे कैसे उठा देंगे तो कह दिया गया कि ऐसे ही उठा दिया जाता है। मुकदमे दर्ज होते हैं सो अलग। कई लोग जेज भी गए हैं। वहीं दूसरी ओर धरना स्थल की बैरिकेटिंग जारी रही। नेताओं पर पुलिस का सख्त पहरा है।इस सख्ती का असर नेताओं पर देखा भी जा रहा है। हां भाजपा के अजय गुप्ता, अरुण वशिष्ठ, अंकुर गोयल खंदक और अंकित मनू सदर सरीखे नेता पूरी हिम्मत से डटे हैं ये लोग आवास विकास, एसएसपी और डीएम से भी लगातार संपर्क बनाए हैं। इन नेताओं ने साफ कह दिया है कि सेटबेक के नोटिस स्वीकार्य नहीं। उन्होंने आवास विकास का बाॅयलॉज सहायक आयुक्त आवास विकास परिषद के सामने ले जाकर जा पटका। महिलाओं का कहना है कि यदि सेटबैक छोड़ा तो फिर घर बाकि बचेगा ही कहां और जब ये मकान खरीदे थे तब सेटबेक की बात नहीं थी। 35 गज के मकान में सेटबैक कैसे छोड़ा जा सकता है।
मदद कर रहे हैं खुद को बचा कर
कांग्रेस और सपा के जो नेता व्याारियों की मदद पर उतारू हैं वो प्रशासन व पुलिस का रवैया देखते हुए सावधान तो हैं लेकिन उन्होंने भी ठान लिया है कि मदद से पीछे हटने वाले नहीं है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष रंजन शर्मा ने साफ कह दिया है कि व्यापारियों की मदद करेंगे। धमकियों से उनकी पार्टी पीछे हटने वाली नहीं है। वहीं दूसरी ओर सचिन सिरोही सरीखे भी लगातार अडे हुए हैं। सपा के जीतू नागपाल वाया अखिलेश यादव मदद का प्रयास कर रहे हैं। सपा नेताओं की आज सांसद आखिलेश यादव से मुलाकात हुई। इनमें जीतू नागपाल, शैकी वर्मा आदि भी शामिल रहे। संयुक्त व्यापार संघ्ज्ञ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता भी मदद में लगे हैं, लेकिन भाजपा के स्तर से उनको जो मदद मिलनी चाहिए वो नहीं मिल पा रही है।
नजर आयी राहत की एक किरन
मेरठ। सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को राहत की किरन सीनियए अधिवक्ता कपिल सिबल की तरफ से नजर आ रही है। देश के जाने माने वकील कपिल सिब्बल में चर्चित सेंट्रल मार्केट प्रकरण पर पैरवी करने का आश्वासन दिया है। शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के व्यापारी अंजनेय सिंह, राहुल मलिक ने शुक्रवार को दिल्ली में राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल से मुलाकात की व्यापारी और अधिवक्ता अंजनेय सिंह ने बताया कि कपिल सिब्बल ने कहा कि सरकार इस केस मेंं हलफनामा दायर करे कि वह व्यापारियों को राहत देना चाहती है तो वह इस मामले में पैरवी करने को तैयार हैं। व्यापारियों ने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से 40 मिनट तक मुलाकात की। मिलने वालों में महिपाल सिंह भी शामिल रहे।
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