सीएम के मुख्य सलाहकार अवनीश अवस्थी ने स्वीकारी आवास विकास अफसरों के स्तर से चूक की बात
मेरठ। मुख्य मंत्री के मुख्य असलाहकार अवनीश अवस्थी ने सेंट्रल मार्केट और सेक्टर दो समेत शास्त्रीनगर क्षेत्र के व्यापारियों से सरकार पर भरोसा रखने का आग्रह किया है। उन्होंने कोई ठोस राहत का भरोसा नहीं दिया है और कहा कि सुप्रीमकोर्ट के आदेशों को पालन सख्ती से कराया जाएगा। सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि नाउम्मीद ना हों, पैरवी में कोई कोरकसर नहीं छोड़ी जाएगी। अवनीश अवस्थी ही नहीं उनके साथ कई दूसरे अफसर भी आए थे, लेकिन इस मुलाकात को लेकर व्यापारी सांसद व विधायकों के स्तर से जिस गरमजोशी की उम्मीद कर रहे थे वो नजर नहीं आयी। सीनियर आईएएस अवनीश अवस्थी मेरठ के डीएम भी रहे चुके हैं और प्रदेश के आवास आयुक्त भी रह चुके हैं। आवास विकास परिषद के अफसरों के कामों से उनसे ज्यादा बेहतर तरीके से और कौन जानकारी रख सकता है। शायद यही वजह रही जो उन्होंने कह दिया कि सेंट्रल मार्केट प्रकरण में अफसरों ने ही ठीक पैरवी नहीं की। इस मामले को पूरी मजबूती से उठाने वाले संयुक्त व्यापार सघ अध्यक्ष अजय गुप्ता और उनके टीम ने एक बार फिर साल पुरजोर तरीके से बताया कि जो मकान आवास विकास ने बनाकर बेचे हैं उनमें भी सेटबैक नहीं छोड़ा गया है। इसके अलावा साल 1982 के अपने ही बॉयलॉज से आवास विकास परिषद के अफसर किस कारण से मुंह मोड़ रहे हैं। अजय गुप्ता बॉयलॉज को नजीर बता रहे हैं। अजय गुप्ता के साथ अवनीश अवस्थी से मिलने वालों में अरुण वशिष्ठ, अंकुर गोयल खंदक, अंकित मनू सदर, सतीश गर्ग व वीरेन्द्र शर्मा भी मौजूद थे। नवीन गुप्ता भी मिलने को पहुंचे थे। आयुक्त आवास पर उन्होंने व्यापारियों से भी मुलाकात की। उनकी बात को समझा।व्यापारियों ने अपनी परेशानियां विस्तार से बताईं, जिस पर अवनीश अवस्थी ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट में उनका पक्ष मजबूती से रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के ‘सेटबैक’ संबंधी आदेश का पालन करना अनिवार्य होगा।
फौरी राहत की उम्मीद ना रखें
व्यापारिरयों को दो टूक बता दिया है कि सरकार से किसी फौरी राहत की उम्मीद ना रखें। सरकार के विशेष प्रतिनिधिमंडल में अवनीश अवस्थी के साथ प्रमुख सचिव आवास एवं विकास पी गुरुप्रसाद और आवास एवं विकास परिषद के आयुक्त डॉ. बलकार सिंह भी मौजूद रहे। यह भी कहा कि व्यापारियों को ‘सेटबैक’ के संबंध में कोई तत्काल राहत नहीं मिलेगी और उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
भाजपा के सांसदों व विधायकों तथा सरकार से व्यापारी इतने दिनों से मिन्नतें कर रहे थे उस सिस्टम का एकाएक एक्टिवेट हो जाने के पीछे एक दिन पहले यानि बुधवार को सेक्टर दो में हवन तेहरवी का साइड इफैक्ट भी माना जा रहा है। दरअसल भाजपा से मिले विश्वासघात को व्यापारियों ने तेहरवीं करा दिया है। भाजपा में ऐसे नेताओं की लंबी फेरिस्त है जो मान रहे हैं कि तेहरवीं का संदेश केवल दक्षिण विधानसभा या मेरठ की बाकि विधानसभा नहीं बल्कि पूरे देश में बुरा परिणाम देने वाला साबित हो सकता है।
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