मेरठ। भाजपा की तेहरावी रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने सेंट्रल मार्केट से सटे सेक्टर दो के धरना स्थल को चोरों ओर से पुलिस से घेर लिया है। हालांकि महिलाओं ने हवन किया। कई थानों की पुलिस फोर्स लगा दी गयी है। भाजपा पर भरोसे की तेहरवी और हवन को टलाने के लिए पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। आज सुबह से ही सेंट्रल मार्केट में भारी पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी गयी। सेक्टर दो की ओर जाने वाले रास्तों को सख्ती से बंद कर दिया गया। जो लोग हवन में शामिल होना चाहते थे उनको जाने नहीं दिया गया। जहां बैरिकेटिंग लगाए थे, वहीं रोक दिया गया। वापस भेज दिया गया। लोगों को आधार और एड्रस चेक किए गए। जो बाहरी लोग वहां प्रदर्शन में पहुंच रहे थे उनको न्यायालय की अवमानना का नोटिस भी दिया है। व्यापारी और विपक्ष नेताओं का कहना है कि प्रशासन दबाव बनाकर यहां के निवासियों की बात को दबाकर यह प्रदर्शन खत्म करना चाहता है। इससे पहले पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी अंत तक प्रयास करते रहे कि सेक्टर दो में धरने पर बैठे व्यापारी हवन और भाजपा की तेहरवीं ना करें। इसके लिए करीब बीस व्यापारियों को मंगलवार की रात को डीएम आफिस में बुलाया गया था। वहां पर एडीएम सिटी, एसपी सिटी और सहायक आयुक्त आवास विकास मौजूद थे। करीब दो घंटे तक चली बातचीत बेनतीजा खत्म हो गयी। नाम ना छापे जाने की शर्त पर कए व्यापारी ने बताया कि अफसरों का कहना था कि यदि हवन और तेहरवीं की गयी तो उसमें आसामाजिक तत्व शामिल हो सकते हैं। वहां उपद्रव की आशंका जतायी गयी। जो भी व्यापारी बातचीत को बुलाए गए थे उन्होंने साफ कह दिया कि अब यह आंदोलन उनके हाथ से निकल चुका है, मकान महिलाओं के हाथ में है।
मुकदमे भी देख लेंगे
जो लोग सक्रिय हैं उन्हें मुकदमे दर्ज करने की धमकी के आरोप लगाए जा रहे हैं। लेकिन महिलाओं का हना है कि इतनी बर्बादी देख चुके हैं ऐसे में यदि मुकदमें दर्ज करा भी दीजिए जहाते हैं तो उन मुकदमों को भी देखा जाएगा लेकिन अपने पति के रोजगार को बचाने के लिए वो अंतिम सांस तक यहां अन्याय से लड़ने को आयी हैं। अफसर शायद जानते नहीं कि भारतीय नारी अपने परिवार के लिए किसी भी हद तक जाने से पीछे नहीं हटतीं। आज खास बात यह रही कि धरना स्थल पर पुरूषों की संख्या ना के बराबर थी हालांकि बैकडोर से उनका पूरा सहयोग मिल रहा था।
धरने पर बैठी महिलाओं का कहना है कि उन्होंने कभी सोचा ना था कि जिन्हें वोट द रहे हैं और चंदा भी वो बुरा वक्त आने पर बजाए मदद को हाथ बढ़ाने के हाथ बांधकर निष्ठुर हो जाएंगे। जहां प्रदर्शन चल रहा है वह भाजपा का गढ़ है। हम पिछले 40 साल से यहां रह रहे हैं और तभी से भाजपा के कोर वोटर हैं। जिसके चलते हमने एक यकीन कर अपने जनप्रतिनिधियों से उम्मीद और गुहार लगाई थी कि वह हमारी मदद करेंगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। हमारा कोई जनप्रतिनिधि जिसे हमने वोट देकर सदन में भेजने का काम किया उन्होंने हमारे हक में यहां तक आना भी उचित नहीं समझा। जिसके चलते हमरा भरोसा टूट गया है । अब हम खुले तौर पर यह ऐलान करते हैं कि सरकार से हमारा यकीन टूट गया है और सरकार ने हमारा भरोसा तोड़ दिया है इसलिए अब हमें इससे कोई मतलब नहीं है। भाजपा और सरकार उनकी मुसीबत को लेकर निष्ठुर बने हैं। सेंट्रल मार्केट में चल रहे प्रदर्शन के 13 वे दिन धरना दे रही महिलाएं भाजपा सरकार पर किया भरोसा और अपने खत्म हुए व्यापार को लेकर दोनों की तेहरवी का आयोजन किया। महिलाओं ने कल इस बात की घोषणा की थी। उनका कहना है कि उन्होंने 12 दिन तक अपनी सरकार के जनप्रतिनिधियों को समय दिया कि उनके लिए कुछ करेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ ,इसलिए अब वह उनकी पहली कर उनका पूर्ण रूप से खत्म कर देगा। इसी क्रम में उन्होंने सुबह के समय सेक्टर 2 में हवन भी किया।
आवास विकास के नोटिस
सेंट्रल मार्केट के 859 भूखंडों को सेटबैक के अनुसार ध्वस्त करने और उनमें चल रही कॉमर्शियल गतिविधियों को बंद करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने बीती 9 अप्रैल को दिया था। इसके बाद 10 अप्रैल से शास्त्री नगर के सेक्टर दो स्थित तिरंगा चौक पर प्रदर्शन जारी है। वहां बैठी महिलाओं का कहना है कि वह अपनी दुकान तो बंद कर सकते हैं लेकिन जो उनके छोटे-छोटे मकान हैं उनमें सेटबैक कैसे छोड़ सकते हैं यदि वह सेटबैक के अनुसार इन्हें ध्वस्त कर लेते हैं तो वह अपने मकान में रह नहीं पाएंगे वहीं दूसरी ओर संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता और व्यापारी नेता अरुण वशिष्ठ बार-बार कह रहे हैं कि आवास विकास के बाॅयलॉज में कहीं भी सेटबैक की बात नहीं की गयी है, यह बात सब को समझ आ रही है लेकिन आवास विकास के अफसर सुनने या समझने को तैयार नहीं।
Leave a comment