नई दिल्ली। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बातचीत की टेबल पर आने से पहले ही ईरान ने अमेरिका से किसी प्रकार की बातचीत को एक सिरे से खारिज कर दिया है। हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि यदि तय मियाद में समझौता नहीं होता है तो उनकी सेनाए लड़ाई के लिए तैयार हैं। इसके इतर ईरान ने तल्ख लहजे में कहा है कि धमकी के बाद बाचीत का कोई रास्ता नहीं रह जाता है। जब तक ईरान के बंदरगाहों की नॉकाबंदी जारी रहेगी तब तक कोई बात अमेरिका से नहीं की जाएगी। हालांकि जानकारों का कहना है कि जो हालात बने हुए हैं उसके चलते अमेरिका किसी प्रकार की लड़ाई का जोखिम मोल नहीं ले सकता।
खत्म हो रहा है सीजफायर
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे सीजफायर का वक्त खत्म होने की उल्टी गिनतियां चल रही हैं। युद्ध विराम के बाद क्या होगा इसको लेकर इन हालातों से सीधे-सीधे प्रभावित होने वाले देशों को इस बात का डर नहीं है कि लड़ाई यदि छिड़ गयी तो क्या होगा। सभी मान रहे हैं कि अब कम से कम सीधी लड़ाई तो नहीं होगी। ईरान के साथ अमेरिका के बीच अब आर्थिक तनातनी जबरदस्त होगी, लेकिन इसकी कीमत पूरी दुनिया को चुकानी होगी। हां इतना जरूर है कि ईरान अपने मित्र देशों रूस, चीन और पाकिस्तान व बंगलादेश जैसे देशों पर जरूर मेहरबान है। वहीं दूसरी ओर तेल व गैस लेकर आ रहे भारतीय शिप को ईरानी कमांडरों ने निशाना बनाया। इसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि भारत की ओर से रिएक्ट किया जाएगा, लेकिन ऐसा अभी कुछ होता नजर नहीं आ रहा है। हैरानी तो इस बात की है कि इस सारे हालात में सबसे ज्यादा फायदा ही पाकिस्तान उठा रहा है।
पाक को बातचीत की उम्मीद
पाकिस्तान को उम्मीद है कि भले ही कितना ही तनाव क्यों ना हो, लेकिन सीज फायर खत्म होने से पहले ही दोनों देशों के वार्ताकार आमने सामने होंगे। पाकिस्तान की ओर से संकेत दिए गए हैं कि अमेरिका और ईरान के साथ उसका संपर्क लगातार बना हुआ है, हालांकि पाकिस्तान सरकार के उच्च पदस्थ अभी दावे से कुछ भी कहने से कन्नी काट रहे हैं कि लेकिन वार्ता को लेकर उम्मीद जाहिर कर रहे हैं।
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