Home मेरठ कैंट विधायक बोले शास्त्रीनगर में तुरंत बंद की जाए तोड़फोड़
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कैंट विधायक बोले शास्त्रीनगर में तुरंत बंद की जाए तोड़फोड़

कैंट विधायक बोले शास्त्रीनगर में तुरंत बंद की जाए तोड़फोड़

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कैंट विधायक बोले शास्त्रीनगर में तुरंत बंद की जाए तोड़फोड़
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मेरठ। आवास विकास परिषद मेरठ द्वारा शास्त्री नगर में भवनों में सैटबैक के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई और मकान ध्वस्तीकरण के संबंध में मेरठ कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आवास विकास परिषद की कार्रवाई अव्यावहारिक है और अंधेरे में चलाया जाने वाला एक तीर के समान है। चूंकि आवास विकास परिषद मेरठ के पास शास्त्री नगर योजना संख्या-3 और योजना संख्या-7 दोनों का ही लेआउट नहीं है, अनेकों बार लेआउट मांगने पर भी टाउन प्लानर समेत अधिकारी लेआउट दिखाने के लिए उपलब्ध नहीं करा पाए हैं।

अफसरों ने आवंटियों को कुछ भी तो नहीं बताया

उत्तर प्रदेश निर्माण एवं विकास उपविधि के अंतर्गत कॉलोनी के विकास के संबंध में बिंदु संख्या (2.2.2) के अंतर्गत जो आवश्यकता दर्शाई गई है, उसमें स्पष्ट रूप से लिखा है कि “विकास अनुज्ञा के प्रकरण में आवेदन के साथ की प्लान, लोकेशन प्लान, साइट प्लान, लेआउट, सबडिवीजन योजना को सैटबैक लाइन्स सहित प्रस्तुत किया जाएगा एवं सर्विस प्लान, अवसंस्थापना योजना, लैंडस्केप योजना तथा प्राधिकरण द्वारा निर्धारित अभिलेख संलग्न किए जाएंगे।”

कोई भी विकासकर्ता जब किसी भी कॉलोनी या टाउनशिप का लेआउट किसी भी विकास प्राधिकरण अथवा आवास विकास परिषद में प्रस्तुत करता है, तो उसको भी अपने लेआउट में, जहाँ प्लॉटिंग दर्शाई गई होती है, वहाँ प्लॉट्स के अंदर सैटबैक लाइन दर्शित करनी होती है, जो सामान्यतः एक मीटर से तीन मीटर तक होती है। उसके बिना न तो उस लेआउट को प्राधिकरण और न ही आवास विकास परिषद दाखिल हेतु स्वीकार करते हैं और न ही उसको स्वीकृत/पास करते हैं। सभी के लिए, चाहे कोई निजी विकासकर्ता हो या कोई सरकारी प्राधिकरण अथवा आवास विकास परिषद विकासकर्ता हो, कॉलोनी/टाउनशिप का लेआउट बनाना आवश्यक है और लेआउट में जो प्लॉट दर्शाए जाते हैं, उनमें सैटबैक लाइन, जो डॉटेड रूप में होती है, उसका दर्शाया जाना भी आवश्यक होता है।

आवास विकास परिषद मेरठ या लखनऊ मुख्यालय में जो लेआउट के फोटो प्रिंट हैं, वे कटे-फटे हैं, जिनके बारे में यह संज्ञान नहीं लिया जा सकता कि वे किस योजना के हैं, शास्त्री नगर योजना संख्या-3 के हैं या शास्त्री नगर योजना संख्या-7 के। कुछ पता नहीं चलता। उनमें भी सैटबैक की लाइन नहीं दर्शाई गई है। अर्थात आवास विकास परिषद मेरठ तथा लखनऊ मुख्यालय के पास कोई लेआउट है ही नहीं और जब शास्त्री नगर का कोई लेआउट नहीं है तो फिर उसमें सैटबैक की बात करना अनर्गल प्रचार-प्रसार है।

अमित अग्रवाल, विधायक मेरठ कैंट ने आवास विकास परिषद के अधिकारियों तथा प्रमुख सचिव, आवास को पत्र लिखकर यह मांग की है कि तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को रोका जाए तथा पहले जनता के समक्ष वह लेआउट प्रस्तुत किया जाए, जिसमें प्लॉट्स में सैटबैक दर्शाए गए हों। यदि सैटबैक दर्शाए गए हों तो उन्हीं के अनुसार कार्यवाही आगे बढ़ाई जानी चाहिए, अन्यथा तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को रोका जाए।

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