Home मेरठ पार्षदों की सुनवाई नहीं कैसे कराएं वार्ड में काम
मेरठ

पार्षदों की सुनवाई नहीं कैसे कराएं वार्ड में काम

पार्षदों की सुनवाई नहीं कैसे कराएं वार्ड में काम

Share
पार्षदों की सुनवाई नहीं कैसे कराएं वार्ड में काम
Share

मेरठ। नगर निगम के अफसर जब पार्षदों की सुनेंगे ही नहीं तो फिर वार्डों में काम कैसे कराए जाएंगे। तमाम पार्षदों की ये शिकायतें आम हैं। उनका कहना है कि मानसून आने की तारीख मौसम विभाग ने एलान कर दी है। मानसून के आने से पहले यदि नाले नालियों की सफाई नहीं करायी गयी तो तमाम ऐसे वार्ड हैं जहां हालत बहुत खराब हो जाएगी। कई बार कहने के बाद भी निगम स्टाफ काम नहीं कर रहा है। काम कराने के लिए जंग लड़नी पड़ रही है। यदि नगरायुक्त मिल जाते हैं तो काम हो जाता है। नगरायुक्त से जब तक नहीं कहा जाए तब तक स्टाफ काम कहने के बाद भी सुनने को तैयार नहीं। जिसका नतीजा यह होता है कि वार्डों मे काम नहीं हो पा रहे हैं। अब हर काम के लिए तो नगरायुक्त के पीछे भागना मुमकिन नहीं है। फिर नगरायुक्त को पूरे महानगर को देखना होता है। वह केवल पार्षदों के लिए तो खाली नहीं बैठे हैं। सीएम ग्रिड के तहत काम चल रहे हैं। शासन से उनकी लगाताररिपोर्ट मांगी जा रही हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण में मेरठ महानगर की रेंक सुधारने की कवायद में नगरायुक्त जुटे हैं। ऐसे में बेहतर तो यही होगा कि जो काम स्टाफ को बताया जाए वो कर दिया जाए।

पॉश कालोनियां में रहना मुश्किल,

शहर के तमाम ऐसी पॉश कालाेनियां है जहां रहना मुश्किल है। सिविल लाइन के पांडव नगर का इलाजा जहां जजों की सरकारी आवास हैं उसकी यदि बात करें तो बुरी हालत है। पांडव नगर, नेताजी नगर और नंगला बट्टू क्षेत्र आते हैं। क्षेत्र के कई हिस्सों में सड़कें और बाजार व्यवस्थित दिखे, लेकिन मोहल्लों के अंदर सीवर और जलनिकासी की समस्या सबसे बड़ी परेशानी बनकर सामने आई। लोगों का कहना है कि सीवर लाइनें जाम होने के बाद गंदा पानी सड़कों पर बहने लगता है और कई बार घरों के अंदर तक पहुंच जाता है। इससे बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। कई मोहल्लों में सीवर का पानी सड़कों पर बहता मिला। कुछ घरों के बाहर गंदे पानी के स्थायी जमाव की स्थिति दिखी। बरसात के दौरान कई जगह घरों में पानी घुस जाता है।

सबसे पहले सीवर सफाई की दरकार

इस वार्ड में सबसे पहले सीवरों की सफाई की जरूरत है। सीवर लाइनें जाम होने के कारण गंदा पानी सड़कों और घरों तक पहुंच रहा है। कई परिवारों ने बताया कि रसोई तक सीवर का पानी पहुंच जाता है। नालियां बंद हैं। पानी की निकासी नहीं होने से सड़कों पर लगातार जलभराव बना रहता है। सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। खुले सीवर और जलभराव के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है। लोगों की मानें तो नगर निगम और मेरठ विकास प्राधिकरण के अफसराें में संवादहीनता की स्थित है। यह कालोनी मेरठ विकास प्राधिकरण ने बसायी और यहां साफ सफाई निगम के हवाले है। वहीं दूसरी ओर वार्ड के पार्षद संजय सिंह सैनी बताते हैं कि वह लगातार अफसरों के संपर्क में हैं। मानसून से पहले नाले नालियों व सीवर की सफाई करा दी जाएगी।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

eight − three =

Related Articles

इस्माईल पीजी प्रदेश भर में अव्वल

इस्माईल पीजी प्रदेश भर में अव्वल

कैंट विधायक बोले शास्त्रीनगर में तुरंत बंद की जाए तोड़फोड़

कैंट विधायक बोले शास्त्रीनगर में तुरंत बंद की जाए तोड़फोड़

तीसरे दिन भी मकानों पर गरजती रहीं आवास विकास की जेसीबी

तीसरे दिन भी मकानों पर गरजती रहीं आवास विकास की जेसीबी

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जगह-जगह योग के कार्यक्रम

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जगह-जगह योग के कार्यक्रम