मेरठ। नगर निगम ने आज गढ़ रोड पर व्यापक ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। इस दौरान कई प्रभावशाली लोगों के कब्जे तोड़ दिए गए। यहां तमाम प्रभावशाली लोगों ने नाले नालियों और सड़क तक कब्जे किए हुए थे। सड़क तक रैंप डाले हुए थे। कई दशक से ये कब्जे किए हुए थे। नगर निगम में कई अधिकारी आए और चले गए लेकिन प्रभावशाली लोगों के इन कब्जों को छूने का साहस किसी ने नहीं किया, लेकिन इस बार नगरायुक्त सौरभ गंगवार के निर्देश पर नगर निगम की टीम ने उन लोगों को अवैध कब्जे तोड़ दिए जिन्हें पहले नहीं छुआ जा सका। नाले नालियों पर कब्जे कर किए गए पक्के निर्माण और सड़कों तक डाले रैंप की वजह से काफी परेशानियां उठानी पड़ रही थीं। सबसे ज्यादा मुसीबत को इस इलाके में सफाई कर्मचारी उठा रहे थे। दरअसल नाले नालियों पर कब्जे कर लिए जानें की वजह से यहां सफाई नहीं हो पार रही थी। नाले नालियां इन अवैध कब्जों की वजह से चौक थे। इसका साइड इफैक्ट इस पूरे इलाके पर पड़ रहा था। सबसे बड़ी मुसीबत तो उन्हें उठानी पड़ रही थी जिनके यहां से पानी की निकासी नाले नालियों पर किए गए इन अवैध कब्जों की वजह से नहीं हो पा रही थी। दरअसल नाले नालियों को पाट देने के चलते यहां सफाई नहीं हो पा रही थी जिसकी वजह से जो दूसरे इलाकों का पानी इन नालों में आकर गिरता था वो नहीं आ पा रहा था। पानी उन्हीं इलाकों में रह जा रहा था। इससे जलभराव हो रहा था। यदि इन कब्जों को आज भी नहीं हटाया जाता तो बारिश के मौसम में इसका बुरा असर आसपास के पूरे इलाके पर पड़ता। वहां भयंकर जलभराव हो जाता। नगर निगम की टीम जब गढ रोड आनंद हास्पिटल पहुंची तो उन्हें देखकर वहां अफरा-तफरी मच गयी। दरअसल गढ रोड के इस इलाके में लोगों ने केवल नाले नालियां ही नहीं बल्कि सरकारी जगह पर भी अवैध कब्जे किए हुए थे। अवैध कब्जों चलते सफाई में तो दिक्कत हो ही रही थी साथ ही यातायात में भी बाधा पहुंच रही थी। यहां दिन भर खासतौर से पीक आवर में जाम लगा रहता था, जबकि गढ़ रोड राष्ट्रीय राजमार्ग में शुमार किया जाता है। लोगों ने जब जेसीबी और प्रवर्तन दल के दस्ते को देखा तो वहां काफी लोग जमा हो गए। कुछ विरोध पर उतारू हो गए। लेकिन प्रवर्तन दल के सख्ती के आगे उनकी एक ना चली। बाद में नगरायुक्त सौरभ गंवार भी वहां पहुंच गए थे।
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