मेरठ। स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए मेरठ पहुंची टीम में शामिल एक शख्स के रेकिंग हाई करने के लिल नंबर दिए जाने की एवज में पैसों की मांग का वीडिया पार्षद द्वारा वायरल किए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। इस मामले को लेकर स्वच्छता सर्वेक्षण करने वाली टीम को हाईकोर्ट में घसीटने की तैयारी कर ली गयी है। वहीं दूसरी ओर नगर निगम के अधिकारी इस मामले पर पूरी तरह से चुप्पी साधे है। इस बीच स्वच्छा सर्वेक्षण कर रही टीम के सदस्यों पर तमाम तरह के आरोप लगा रहे हैं।उन पर होटल रूम में बैठकर केवल सेटिंग गेटिंग वाले वार्डों को अच्छे अंक दिए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। नगर निगम पार्षद संजय सिंह सैनी ने खुलासा किया कि उनके वार्ड की फोटो स्वच्छता सर्वेक्षण की आईडी पर चस्पा कर महापौर के आवास वाले वार्ड गंगानगर इलाके को अधिक अंक दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण में पैसो की डिमांड करने वाले विकास अवाना और नगर निगम के द्वारा सर्वेक्षण में गलत रिपोर्ट में सहयोग करने वाले कर्मचारियों एवं अधिकारियों के विरुद उच्च न्यायालय में रिट दायर की जाएगी तथा उच्च न्यायालय से आग्रह किया जाएगा कि वह कमिशन नियुक्त कर स्वच्छता सर्वेक्षण की जांच कराकर कार्रवाई करें।
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