डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है वो बातचीत को भी तैयार हैं, साथ ही अपने फौज को “लॉक्ड एंड लोडेड” को अलर्ट
नई दिल्ली।ईरान और अमेरिका (US) के बीच चल रहे गंभीर तनाव के बीच ईरान ने युद्ध और कूटनीति दोनों के लिए तैयार रहने की दो टूक चेतावनी दी है। ईरान के नए सर्वोच्च नेता, अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने सैन्य प्रमुखों के साथ बैठक में स्पष्ट किया है कि अमेरिका या इजराइल की ओर से मिलने वाली “किसी भी प्रकार की धमकी” का तत्काल और बिना किसी भौगोलिक सीमा के जवाब दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने संभावित लक्ष्यों की सूची का विस्तार करने का भी निर्देश दिया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे किसी समझौते के लिए स्थायी समाधान चाहते हैं और अमेरिका की अत्यधिक मांगों या धमकियों के आगे घुटने नहीं टेकेंगे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बातचीत को तैयार हैं, लेकिन इरान का रवैया जंग के लिए अमादा लगता है। अमेरिका ने ईरान के जंग पर अमादा रवैये के लिए उत्तर कोरिया के शासन किन जोन उन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे युद्ध को जल्द समाप्त करना चाहते हैं और अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन साथ ही उन्होंने सैन्य रूप से “लॉक्ड एंड लोडेड” रहने की चेतावनी भी दी है। ताजा अपडेट के अनुसार, कतर (Qatar) के मध्यस्थ दोनों पक्षों के बीच बातचीत के लिए तेहरान और दोहा में सक्रिय हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई को एक पत्र भेजा है, जिसके बाद बातचीत में कुछ “प्रगति” के संकेत मिले हैं। हालांकि, ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका प्रतिबंधों को नहीं हटाता और नौसैनिक नाकेबंदी खत्म नहीं करता, तब तक होर्मुज जलमार्ग को पूरी तरह नहीं खोला जाएगा।
हटानी होंगी बंदिशें
ईरान के सशस्त्र बल प्रमुख अली अब्दुल्लाही ने क्षेत्रीय शांति के लिए पांच प्रमुख सिद्धांत रखे हैं, जिसमें सभी मोर्चों पर युद्ध की समाप्ति, ईरानी संपत्तियों को बहाल करना, प्रतिबंधों (पाबंदियों) से पूरी तरह राहत और युद्ध के हर्जाने का भुगतान शामिल है। ईरान का कहना है कि यह हर्जाना भविष्य में किसी भी अमेरिकी आक्रामकता को रोकने की गारंटी होगा।
ट्रंप का रवैया नरम
ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेजाई ने दावा किया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की ओर से मिले एक पत्र के बाद वाशिंगटन के दृष्टिकोण में बदलाव देखा गया है, जिसमें सीधी बातचीत का प्रस्ताव है। रेजाई के अनुसार, अमेरिकी प्रस्ताव ईरान की शर्तों को स्वीकार करने की इच्छा दिखाता है, लेकिन तेहरान अभी भी अमेरिकी इरादों को लेकर बेहद सतर्क है और युद्ध दोबारा शुरू होने पर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी पर कायम है।
मीडिल ईस्ट में टेंशन
पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है, जहां अमेरिका और इजरायल के द्वारा ईरान के खिलाफ नए हमलों की संभावनाओं के बीच पूरे क्षेत्र में भारी अनिश्चितता बनी हुई है। 28 फरवरी, 2026 को शुरू हुए इस युद्ध के बाद से वैश्विक अर्थव्यवस्था और नागरिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वर्तमान में 3 और 4 नवंबर 2026 को जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और ईरान के केश्म द्वीप (Qeshm Island) पर हुए सीमित अमेरिकी हवाई हमलों और ईरान द्वारा “अधिकतम प्रतिरोध” (Maximum Deterrence) की चेतावनियों के बाद अमेरिकी और इजरायली नागरिकों के साथ-साथ दुनिया भर में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
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