ना लाइसेंस ना फायर NOC विस्फोट के मुहाने पर सूरजकुंड इलाका
ना लाइसेंस ना फायर NOC विस्फोट के मुहाने पर सूरजकुंड इलाका
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शासन और मंडलायुक्त को की गई शिकायत पर कार्रवाई के बजाए एक दूसरे के पाले में गेंद डाल रहे हैं अफसर
मेरठ। शहर की घनी आबादी वाले सूरजकुंड़ इलाके में मौजूद मून लाइट स्पोर्टस फैक्ट्री में नगर निगम के अधिकारी अत्यंत ज्वलनशील कैमिकल थिनर के अवैध भंडार की बात तो मान रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर भाग रहे हैं। थिनर आसानी से आग पकड़ने वाला कैमिकल है। आमतौर पर इसका प्रयोग आबादी दूर स्थापित फैक्ट्रियों में किया जाता है। आबादी के आसपास इसका भंडारन निषिद्ध है, क्योंकि यह आसानी से आग पकड़ लेता है। और सूरजकुंड सरीखे घनी आबादी वाले इलाके में जहां इसके विशाल भंडारन का आरोप लगाया जा रहा है, वहां यदि किसी मानवीय चूक के चलते थिनर के इस भंडार में आ लग जाती है तो यह इतना बड़ा आग हादसा होगा जिसकी कल्पना मात्र से रूह कांप जाती है। नौबत केवल अवैध रूप से ज्वलनशील कैमिकल थिनर के भंडारन तक ही नहीं है जिस भवन में यानि स्पोटर्स तो इसमें इसका अवैध भंडारन किया जा रहा है बल्कि हाउस टैक्स चोरी का भी बड़ा आरोप शासन और मंडलायुक्त से शिकायत करने वाले शख्स शिवन गोस्वामी ने लगाया है।
यह है पूरा मामला
हनुमानपुरी सूरजकुंड निवासी शिवम गोस्वामी ने मंडलायुक्त को प्रेषित पत्र में आरोप लगाया है कि सूरजकुंड स्थित मून लाइट स्पोर्टस में नगर निगम के गृहकर की चोरी के अलावा इसमें अवैध रूप से ज्वलनशील पदार्थ थिनर का अवैध भंडारन किया गया है। आराेप है कि बगैर ट्रेड लाइसेंस, फायर एनओसी व पीवीएनएल की स्वीकृति के यह कृत्य किया जा रहा है। उससे भी बड़ी हैरानी की बात तो यह है कि शिकायत किए जाने व पूरा मामले संज्ञान में लाए जाने के बाद भी ना तो नगर निगम ना ही पुलिस का फायर एनओसी महकमा और ना ही पीवीवीएनएल अफसर इसको लेकर कार्रवाई को तैयार हैं। मंडालयुक्त को प्रेषित पत्र में यह भी कहा गया है कि जो शिकायत की गयी है उसके निस्तारण के नाम पर नगर निगम की आख्या झूठ के पुलिदे के अलावा कुछ भी नहीं, इसलिए इस मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई किया जाना बेहद जरूरी है। शिवम गोस्वामी का कहना है कि यह मामला सूरजकुंड क्षेत्र में रहने वाली बड़ी आबादी के जीवन की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। आवासीय इलाके में कभी भी थिनर जैसे ज्वलनशील पदार्थ का भंडारन नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मंडलायुक्त से मांग की है कि भ्रामक आख्य देने वाले अधिकारी पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
अवैध भंडारन की बात मान रहे कार्रवाई से भाग रहे
शिवम गोस्वामी की शिकायत पर मंडलायुक्त के जांच के आदेश के बाद नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने जो आख्या मंडलायुक्त कार्यालय को भेजी है, उसमें उक्त स्पोटर्स फैक्ट्री की जांच में मौके पर अवैध भंडारन और निगम की ओर से किसी प्रकार का लाइसेंस ना जारी किए जाने की बात तो स्वीकार की है, लेकिन कार्रवाई के सवाल पर सफाई दी गई है कि थिनर के अवैध भंडारन पर कार्रवाई का अधिकार प्रदूषण अधिकारी व फायर एनओसी जारी करने वाले पुलिस अधिकारी के आधीन है। नगर निगम के स्तर से किसी कार्रवाई में असमर्थता जता दी है। इसके अलावा हाउस टैक्स चोरी के मामले में सफाई दी गयी है कि उक्त सम्पत्ति पर वर्ष 1992 में किराया पद्धति के आधार पर वार्षिक मूल्यांकन निर्धारित कर गृहकर लगाया गया था। वर्ष 2014 में स्वःकर निर्धारण पद्धति व्यवसायिक भवनों पर लागू की गयी जिसमें भवन स्वामी स्वःकर प्रपत्र भरकर अपने भवन का गृहकर निर्धारण स्वयं कर सकता है। परन्तु उक्त पद्धति में शहर के सम्पूर्ण भवन स्वामियों के शामिल न होने के कारण शासन द्वारा वर्ष 2019 में एक प्राइवेट कम्पनी द्वारा सम्पूर्ण शहर में स्थित भवनों का जीआईएस सर्वे कराया गया। कोरोना काल होने के कारण लगभग 2022 में उक्त सर्वे पूर्ण हुआ परन्तु जनप्रतिनिधियों द्वारा उस पर निरंतर आपत्ति की जाती रही। अंततः नगर निगम द्वारा नये भवनों पर वर्ष 2022-23 से गृहकर निर्धारण लागू किया गया तथा पुराने करदाताओं पर वित्तीय वर्ष 2025-26 से स्वःकर गणना के आधार पर गृहकर लागू किया गया। वर्तमान में नगर निगम के गृहकर अभिलेखों में, प्रश्नगत भवन पर विनोद कुमार पुत्र हंसराज व हंसराज पुत्र खेड़ाराम के नाम से जीआईएस सर्वे के आधार पर वार्षिक मुल्यांकन अंकन-269106/- रूपये पर गृहकर चल रहा है।
वर्जन
इस संबंध में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी का कहना है कि यह मामला उनके यहां ज्वाइंन करने से पूर्व का है। पूर्ववर्ती कर निर्धारण अधिकारी उक्त मामले में आख्य मंडलायुक्त कार्यालय को भेज चुके हैं।
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