मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे थे भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी
मेरठ। भारतीय किसान युनियन के कार्यकर्ताओं को जब जिलाधिकारी से मिलने से रोका तो उन्होंने कलेक्ट्रेट में लगे बेरिकेटस उखाड़ डाले। इतना ही नहीं भाकियू कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में ही डेरा डाल दिया और एलान कर दिया कि डीएम से मिले बगैर यहां से हटने वाली नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले काफी समय से डीएम से मिलने का प्रयास कर रहे, लेकिन डीएम मिलते नहीं हैं।
अचानक यह हुआ
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए कमिश्नरी पर जमा हुए। ज्ञापन दिए जाने के बाद उन्होंने डीएम से मिलने का एलान कर दिया। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि डीएम मेरठ में नहीं हैं। दो दिन बाद मिल सकेंगे। यह सुनकर भाकियू कार्यकर्ता उत्तेजित हो गए और उन्होंने पुलिस के बेरिकेटस को तोड़ते हुए कलेक्ट्रेट की ओर कूच कर दिया। वो डीएम से मिलकर जाने की जिद पर अड़ गए और कलेक्ट्रेट में ही धरना देकर बैठ गए। अनुराग चौधरी ने बताया कि किसानों की समस्याओं को लेकर हम बार-बार जिलाधिकारी से मिलने आते हैं लेकिन पिछले डेढ़ साल से जिलाधिकारी उन्हें नहीं मिल रहे हैं। बार-बार उन्हें जनपद से बाहर बता कर किसानों को वापस भेज दिया जाता है। आज भी किसान समस्याओं को लेकर उन्होंने जिलाधिकारी से मिलने की इच्छा अधिकारियों से जताई। अधिकारियों ने जिलाधिकारी से बात की। पता चला कि जिलाधिकारी जनपद से बाहर हैं। 2 दिन के बाद मिलेंगे। इस जवाब से भाकियू कार्य करता गुस्सा आ गए और उन्होंने नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर कूच कर दिया। पुलिस बल ने उन्हें रोकने की कोशिश की बेरिकेटस भी लगाए, लेकिन किसानों की भीड़ ने बेरिकेटस हटा दिया और कलेक्ट्रेट तक जा पहुंचे।
मिन्नते करने लगे अधिकारी
जिला अध्यक्ष अनुराग चौधरी का कहना है कि वह जिला अधिकारी से मिलने के बाद ही यहां से वापस जाएंगे।भले ही जिलाधिकारी 2 दिन क्या 6 दिन बाद आए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी किसानों को समझकर मनाने में जुटे हैं लेकिन किसान अपनी जिद्द पर अड़े हैं।
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