मेरठ। सहारनपुर में मस्जिद के गिराए जाने के बाद जुम्मे को लेकर पुलिस प्रशासन के तमाम आला अफसर हाईअलर्ट पर है। हालांकि मुस्तैदी के चलते किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई, लेकिन मस्जिद गिराए जाने की घटना के बाद शहर की तमाम मस्जिदों में आज अन्य दिनों के मुकाबले अधिक संख्या में मुसलमान नमाज को पहुंचे। वहीं दूसरी ओर सहारनपुर मस्जिद गिराने पर हाईकोर्ट ने योगी सरकार से जवाब मांगा है साथ ही 6.41 करोड़ जुर्माना वसूलने पर रोक लगा दी गयी है। प्रशासन ने सार्वजनिक भूमि पर कथित अवैध कब्जे और दुरुपयोग के आरोप में यह भारी-भरकम जुर्माना लगाया था। न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने इस मामले में अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन को नोटिस जारी कर तीन हफ्ते के भीतर जवाब (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट इस पूरे मामले पर अब 12 अक्टूबर 2026 को अगली सुनवाई करेगा। तब तक के लिए हर्जाना वसूली पर रोक जारी रहेगी। यह खबर जब मेरठ पहुंची तो मामले की अपडेट ले रहे मेरठ के मुसलमानों ने राहत की सांस ली। इस बीच जुम्मे को देखते हुए एक हजार से ज्यादा पीएसी व आरएएफ के जवान शहर के अति संवेदनशील व संवेदनशील इलाकों में तैनात किए थे। पूरे शहर में अघोषित हाईअलर्ट नजर आया।
संवेदनशील इलाकों में झोंकी फोर्स
मेरठ की जामा मस्जिद से लेकर हापुड़ रोड स्थित इमलियान मस्जिद समेत प्रमुख और संवेदनशील मस्जिदों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। नमाज के दौरान भीड़ को देखते हुए पुलिसकर्मियों को पहले से ही निर्धारित स्थानों पर तैनात किया गया है। शहर के साथ ही देहात क्षेत्र में भी अधिकारियों को लगातार भ्रमण करते रहने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए सभी एडिशनल एसपी, डिप्टी एसपी और थानेदारों को नमाज संपन्न होने तक अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों और संवेदनशील स्थलों पर मौजूद रहने की हिदायत दी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मस्जिदों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहें और किसी भी सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंचें।
एडीजी व डीआईजी सभी सड़कों पर
जुमे की नमाज को लेकर पुलिस की तैयारियों का जायजा लेने के लिए एडीजी जोन भानु भास्कर, डीआईजी रेंज कलानिधि नैथानी और एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति भी सड़क पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था देख रहे हैं। अधिकारी संवेदनशील क्षेत्रों का भ्रमण कर पुलिसकर्मियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दे रहे हैं। पुलिस का फोकस नमाज के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ नमाज के बाद भीड़ के सुरक्षित तरीके से लौटने पर भी है।
रडार पर नेता सोशल मीडिया
सहारनपुर की घटना के बाद सोशल मीडिया और उपद्रवी किस्म के माने जाने वाले नेता भी पुलिस के रडार पर हैं। ऐसे नेताओं को हालांकि पहले ही ताकीद की जा चुकी है। इसके बाद भी खुफिया एजेंसियां नजर बनाए रहीं। पूरे शहर में खासतौर से मिश्रित आवादी वाले शहर के इलाकों में मुखबिर तंत्र को एक्टिव कर दिया गया है।पुलिस अधिकारियों ने अधीनस्थों को अफवाह फैलाने वालों और माहौल खराब करने वाली गतिविधियों पर तत्काल नजर रखने के निर्देश दिए हैं। हालांकि जहां तक मुसलमानों की नाराजगी का सवाल है तो हाईकोर्ट का आज जो फैसला आया है उससे राहत की सांस ली है। लेकिन जामा मस्जिद को लेकर जो मांग की जा रही है उसको लेकर उबाल कम नहीं।
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