मेरठ। सुप्रीमकोर्ट की सख्त लहजे में ना के अब 815 परिवार राष्ट्रपति के समक्ष अर्जी दायर मदद की गुहार लगाएंगे। सुप्रीमकोर्ट से राहत के सभी रास्ते बंद होने के बाद जिन परिवारों को आवास विकास से सैटबैक के नोटिस मिले हैं वो हताश हैं और निराश हैं। यह साफ हो गया है कि कानूनी तरीके से अब राहत के सभी रास्ते बंद हो चुके हैं, लेकिन फिर किसी चमत्कार की उम्मीद उनके धरने को जारी रखे हुए है। कोर्ट ने पंद्रह दिन की मियाद सैटबैक हटाने को तय की है, उसके बाद आवास विकास को कार्रवाई का आदेश दिए गया है। बुधवार को विधायक अतुल प्रधान धरना स्थल पर पहुंचे। धरना स्थल मौजूद लोगों ने कहा कि चलो कोई तो है जो आया भाजपा नेता यदि आते भी तो किस मुंह से आते। भाजपा के नेताओं ने केवल उनका भरोसा ही तोड़ने का काम किया है। सुप्रीमकोर्ट ने क्या आदेश दिया है यह अलग बात है लेकिन दुख की इस घड़ी में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को आकर कम से कम आंसू तो पोछने चाहिए थे। कुछ ने कहा कि भाजपा नेता किस मुंह से यहां आते। उनका मुंह नहीं रहा है यहां आने और कुछ कहने का। वहीं दूसरी विधायक अतुल प्रधान ने इस मामले को राष्ट्रपति तक ले जाने और मदद की फरियाद की बात कही।
बोला तीखा हमला
पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद सपा नेता अतुल प्रधान ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार इस मुद्दे को सदन से लेकर जनता के बीच उठा रहा है, लेकिन सरकार पूरी तरह संवेदनहीन बनी हुई है। उन्होंने कहा, “हमने विधानसभा में भी यह मामला उठाया और वरिष्ठ नेताओं ने भी सरकार का ध्यान इस ओर दिलाया, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। यह सरकार पूरी तरह नाकाम और संवेदनहीन है।” सेंट्रल मार्केट के जिन परिवारों पर कार्रवाई का असर पड़ा है, उनकी पीड़ा को समझा जाएगा और हर संभव मदद का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वह पहले भी पीड़ितों के बीच आए थे और अब दोबारा उनकी समस्याएं सुनने पहुंचे हैं। पार्टी स्तर पर ऐसे परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। साथ ही सरकार से मांग की कि क्षेत्र के मंत्री, विधायक और सांसद राष्ट्रपति से समय लेकर प्रभावित परिवारों का पक्ष उनके सामने रखें। उन्होंने यह भी कहा कि वह स्वयं राष्ट्रपति से मिलने के लिए पत्र लिखेंगे और सभी विधायकों से भी इस संबंध में पत्र भेजने का आग्रह करेंगे, ताकि पीड़ित परिवारों को राहत और न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि जो कुछ भी वह कर सकते हैं करेंगे। किसी भी मिलेंगे, उनकी ओर से राहत दिलाए जाने के पूरे प्रयास किए जाएंगे।
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