मेरठ। शहर में जलभराव की समस्या को लेकर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने प्रदेश के नगर विकास मंत्री को खत भेजा है। इसके अलावा ऐसा ही एक खत कमिश्नर, डीएम, नगरायुक्त और अपर आयुक्त नगर स्वास्थ्य अधिकारी को भी भेजा गया है। इन खतों में सपा नेताओं ने शहर में हो रहे जलभराव के लिए नगर निगम के कुछ अधिकारियों को कसूरवार ठहराते हुए उन पर कार्रवाई की मांग की है। सपा नेताओं ने खत में झमाझम बारिश के बाद बिगड़े शहर के हालात की जानकारी दी है। उन्होंने लिखा है कि जल भराव का संज्ञान लेते हुए तत्काल दोषी अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई करते हुए मेरठ से उन्हें हटाया जाए। शहर की जनता को वह नारा याद है जिसमें आपने कहा था कि सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास, लेकिन नगर निगम के अधिकारी और जन प्रतिनिधि नारे का मजाक बनाकर रख दिया है। अगर बरसात से पहले शहर के मक्काचीन नाला, ओडियन नाला, कमेले.के पुल वाला नाला, ऊंचा सादिक नगर का नाला और अबू नाला तथा कचहरी रोड का नाला व शहर घंटाघर का मुख्य नाला छतरी वाला पीर का नाला साथ ही फिल्मिस्तान सिनेमा के पीछे वाला नाला इसके साथ ही नाला बच्चा पार्क वाला नाला अगर तली झाड़ सफाई मैनुअल तरीके से दिया जाता तो शहर की जनता को जो जल भराव से अब परेशानी का सामना करना पड़ रहा है वह नहीं करना पड़ता।
बारिश के पानी में डूबे इलाके
सपाइयों के खत में बताया गया है कि खुद नगर निगम का मुख्यालय केसरगंज का ऑफिस जल भराव का शिकार है, जहां आज दो-दो फुट पानी मुख्य मार्ग तक और दुकानों में घुस गया है। ठीक यही स्थिति भूमिया का पुल ऊंचासद्दीक नगर व नीचे सादिक नगर, शकूर नगर, रसीद नगर, तारापुरी, मुमताज नगर, अंजुम पैलेस, श्याम नगर, खैर नगर , छतरी वाला पीर, माधवपुरम सेक्टर 3, जागृति पब्लिक स्कूल, सनशाइन पब्लिक स्कूल, फिल्मीस्तान सिनेमा रोड, बच्चा पार्क, द्वारकापुरी, खत्ता रोड, श्याम नगर, बुनकर नगर, इस्लामाबाद, शाहपीर गेट, इंदिरा गांधी चौक, इमलियांन, चौपाल मुस्लिम राजपूतान, बनी सराय, सोहराब गेट, गोला कुआं, प्रहलाद नगर, हाजी इलियास का चौक, बुनकर नगर, आशियाना कॉलोनी, जली कोठी, पूर्व फैयाज अली, कोटी अतानस, पूर्वा फतेहनगर आदि क्षेत्रों में जल भराव की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
निगम अफसरों पर आरोप
खत में सपा नेता अफजाल सैफी, संगीता राहुल, सुमित बौद्ध व संजय यादव ने इन हालातों के लिए निगम अफसरों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगरआयुक्त, अपर नगर आयुक्त, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, महापौर और सफाई एवं खाद्य निरीक्षक व सफाई नायक कुंभकरण की नींद सो रहे हैं। इनको जनता की परेशानी और दुश्वारियां नजर नहीं आ रही इसीलिए इन्होंने जानबूझकर स्वच्छता सर्वेक्षण और स्वच्छ भारत अभियान जैसे कल्याणकारी अभियानों को ठेंगा दिखाते हुए आम जनता को परेशानी में धकेलना का काम किया है। अब भी उनकी नींद नहीं खुली है और यह कुंभकरण की नींद सो रहे हैं। यह सरकार और जनता के साथ विश्वासघात कर रहे हैं और अपनी जेब में भरकर कागजी कार्रवाई कर इति श्री कर सरकार को संतुष्ट करने का काम कर रहे हैं। सपा नेताओंने कहा कि उनकी मांग है कि बिल्कुल गोपनीय तरीके से हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत न्यायाधीश के नेतृत्व में खुफिया टीम बनाकर जांच कराई जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। जनहित में अनुरोध है कि बॉब कट मशीन के बजाय सभी प्रमुख नालों के मैन्युअल सफाई कराई जाए, क्योंकि पोपट मशीन के संचालक दुकानदारों से सेटिंग करके आधी अधूरी सफाई करते हैं जिसका परिणाम है कि जल भराव हो रहा है और नाला पूरी तरह से तली झाड़ साफ नहीं हो रहे हैं। केवल एक डेढ़ घंटा सफाई करके अपने कार्य को पूरा समझ रहे हैं जबकि अगर पूरा दिन भी सफाई हो तो पूरे शहर का एक भी नाल गंदगी से हटा नहीं रह सकता आप तत्काल कार्रवाई करना सुनिश्चित करें और शहर की जनता को जल भराव से निजात दिलाई जाए।
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