नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय कैबिनेट की एक अहम बैठक बुलाई गई। इस बैठक में देशहित, आर्थिक सुधारों और विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिली। अधिकारियों ने बताया कि संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने की संभावना है और इसके तीन हफ्ते तक चलने की उम्मीद है। संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति को अभी अंतिम फैसला लेना है।
कैबिनेट के फैसले
दिल्ली में 6-लेन द्वारका टनल परियोजना को मंज़ूरी – 6,970 करोड़ रुपये की मंजूरी। उत्तर प्रदेश में कानपुर से कबरई तक 4-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे प्रोजेक्ट को मंजूरी – 7,145 करोड़ रुपये की मंजूरी। कुल स्वीकृत राशि: 14,115 करोड़ रुपये। दिल्ली-द्वारका टनल परियोजना दिल्ली में एनएच-148 ्रएई पर 6-लेन रोड टनल निर्माण को मंजूरी। कुल परियोजना लागत: 6,969.67 करोड़ रुपये। निर्माण मॉडल हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल योजना के तहत। कुल लंबाई 8.1 किलोमीटर। द्वारका एक्सप्रेसवे को नेल्सन मंडेला मार्ग, वसंत कुंज से जोड़ा जाएगा। 3.14 किमी लंबी ट्विन-ट्यूब भूमिगत टनल बनाई जाएगी, जिसका निर्माण टनल बोरिंग मशीन से होगा। टनल शिवमूर्ति इंटरचेंज से शुरू होकर नेल्सन मंडेला मार्ग-महीपालपुर-छतरपुर रोड के पास समाप्त होगी। परियोजना से गुरुग्राम, द्वारका, आईजीआई एयरपोर्ट, पश्चिमी और दक्षिणी दिल्ली के बीच आवागमन तेज और सुगम होगा। टनल का 1.98 किमी हिस्सा सदर्न रिज फॉरेस्ट के नीचे से गुजरेगा, जिससे सतह पर पर्यावरणीय प्रभाव कम होगा.
नेल्सन मंडेला मार्ग पर 1.8 किमी एलिवेटेड रोड, अतिरिक्त फ्लाईओवर और एलिवेटेड यू-टर्न भी बनाए जाएंगे, ताकि ट्रैफिक जाम कम हो। परियोजना के तहत बड़ा पुला एलिवेटेड रोड से भी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे पूर्वी दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा तक आवागमन आसान होगा। परियोजना से करीब 7.54 लाख व्यक्ति-दिवस प्रत्यक्ष और 9.80 लाख व्यक्ति-दिवस अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश में 117.7 किमी लंबे कानपुर-कबरई एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे को मंजूरी दी गयी है। इसकी कुल लागत: 7,145.14 करोड़ रुपये हे। इससे 4-लेन हाईवे का निर्माण होगा, जिसे भविष्य में 6-लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। यह परियोजना भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का अहम हिस्सा है। इसका निर्माण (टोल) मॉडल पर किया जाएगा। हाईवे बनने से कानपुर से कबरई का सफर 3.5 घंटे से घटकर लगभग 1.5 घंटे रह जाएगा। इसका डिजाइन स्पीड 80-100 किमी प्रति घंटा होगी। इस परियोजना से कानपुर, कबरई, सागर, भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों के बीच तेज और निर्बाध संपर्क मिलेगा। यह हाईवे एन34, एनएच-35, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, कानपुर रिंग रोड और कई राज्य राजमार्गों से जुड़ेगा। कबरई के खनन क्षेत्र तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे खनिज, निर्माण सामग्री, औद्योगिक सामान और कृषि उत्पादों की ढुलाई आसान होगी। पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत यह परियोजना 16 आर्थिक केंद्रों, 9 सामाजिक केंद्रों और 10 लॉजिस्टिक हब को बेहतर कनेक्टिविटी देगी। निर्माण के दौरान करीब 1.2 करोड़ व्यक्ति-दिवस प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। परियोजना से बुंदेलखंड और उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स, उद्योग और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
कैबिनेट में आज एथेनॉल और पीडीएस से जुड़े ब्रोकन राइस पर बड़ा फैसला संभव है। केंद्र सरकार आज केंद्रीय कैबिनेट में एथेनॉल से जुड़ा बड़ा प्रस्ताव ला सकती है। इसके अलावा – सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली में टूटे चावल (ब्रोकन राइस) के आवंटन में कटौती का प्रस्ताव ला सकती है। प्रस्ताव के तहत ब्रोकन राइस की हिस्सेदारी 25′ से घटाकर 10′ किए जाने की संभावना है। इस फैसले से हर साल करीब 90 लाख टन ब्रोकन राइस अतिरिक्त उपलब्ध हो सकेगा। उपलब्ध अतिरिक्त ब्रोकन राइस का इस्तेमाल एथेनॉल उत्पादन में किया जाएगा. इससे सरकार के एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम को बड़ा समर्थन मिलेगा। सरकार खाद्य सुरक्षा से समझौता किए बिना एथेनॉल उद्योग को पर्याप्त कच्चा माल उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है।
पीएम मोदी की सचिवों के साथ बैठक
केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल की अटकलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिन भी एक अहम बैठक बुलाई थी। इसमें सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सचिव शामिल हुए थे। सेशेल्स दौरा पूरा करके एक दिन पहले ही दिल्ली लौटे पीएम मोदी की ये बैठक बेहद अहम थी। इस बैठक में ‘ईज ऑफ लिविंगÓ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेसÓ के लिए किए गए सुधारों समेत कई मुद्दों पर चर्चा की गई।
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