मेरठ। आवास विकास परिषद के सैटबैक नोटिसों के विरोध में शास्त्री नगर सैंट्रल मार्केट सैक्टर दो और तीन के चौराहे पर महिलाओं का धरना लगातार चल रहा है। आज भी बड़ी संख्या में महिलाएं धरना स्थल पर जमा हुईं। महिलाओं ने धरना स्थल पर आवास विकास प्रशासन को लेकर तमाम सवाल उठाए और पूछा कि साल १९८२ में आवास विकास ने जब जब ये प्लाट बेचे थे तब कहीं भी किसी सैटबैक की बात जो पेपर प्लाट के आवंटियों को सौंपे गए थे उसमें नहीं कही गई थी। महिलाओं ने यह भी बताया कि उस वक्त कुछ मकान खुद आवास विकास परिषद ने भी बनाकर बेचे थे। आवास विकास परिषद के किसी भी मकान में सैटबैक नहीं छोड़ा गया था। आवास विकास जब अपने मकानों में सैटबैक नहीं छोड़ रहा है तो फिर जो प्लाट आवंटित किए गए उसमें सैटबैक छोड़े जाने की बात क्यों कर की जा रही है। महिलाओं का कहना है कि या यह मान लिया जाए कि जिन कायदे कानूनों की बात आज आवास विकास परिषद के अफसर कर रहे हैं उन कायदे कानूनों को वो खुद पर नहीं लागू करना चाहते हैं।
नहीं तोड़ने देंगी मकान
सैक्टर दो और सैक्टर तीन चार की धरना दे रही महिलाओं ने दो टूक कह दिया है कि वो किसी भी दशा में अपने मकानों को नहीं तोड़ने देंगी। उन्होंने बताया कि यही बात को समझाने और अपना पक्ष रखने के लिए वो लोग योगी सरकार के मंत्री के आवास पर गयी थीं। वहां जाने के पीछे उनकी मंशा हंगामा करने या कोई दूसरी बात करने की नहीं थी। उन्हें केवल अपनी बात भर डा. सोमेन्द्र तोमर को बतानी थी। उनकी बात सुनी भी गयी। हालांकि अभी तक उन्हें सरकार की ओर से जो राहत की उम्मीद है वो नहीं मिल पायी है। महिलाओं का कहना है कि यह इतना बड़ा मामला नहीं है कि लटका दिया जाए। सरकार के हाथ में सब कुछ है। एक अध्यादेश निकाल दिया जाए तो सभी को राहत मिल जाएगी और सरकार की भी जय-जयकार हो जाएगी। लेकिन ना जाने ऐसी क्या वजह है कि इस मामले को लेकर वो नहीं हो रहा है जिससे इन पीड़ित परिवारों को राहत मिल सके। महिलाओं का साफ कहना है कि इस मामले में राहत के अलावा योगी सरकार के पास भी कोई दूसरा विकल्प अब बाकि नहीं रह गया है।
आवास विकास बैकफुट पर
सैक्टर तीन व चार में सैटबैक के नोटिसों में मकानों को तोड़ने की आखिरी तारीख 8 मई मुकर्रर की गयी थी। वो मियाद पूरी हो चुकी है। लेकिन इसके बाद भी आवास विकास परिषद की ओर से अभी तक इस मामले में कोई एक्शन नजर नहीं आ रहा है। माना जा रहा है कि इसके पीछे केवल महिलाओं की ओर से दिया जा रहा धरना है। महिलाओं के धरने के चलते आवास विकास परिषद के अफसर बैकफुट पर नजर आ रहे हैं और अभी सीधे एक्शन की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। हालांकि माना जा रहा है कि कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई के नाम पर आवास विकास के अफसर ज्यादा दिन तक कार्रवाई को मुलतवी नहीं कर पाएंगे।
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