सेंट्रल मार्केट! खुद बनाए हैं दूसरी, विपक्ष का कर रहे विरोध
सेंट्रल मार्केट! खुद बनाए हैं दूसरी, विपक्ष का कर रहे विरोध
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मेरठ/ सेंट्रल मार्केट में पहले 661/6 का ध्वस्तीकरण और अब 44 व्यापारियों के जिन प्रतिष्ठानों को सील कर दिया जाना। इन दोनों ही मामलों को लेकर व्यापारियों में सरकार और भाजपा के सांसद, विधायक और महानगर संगठन के प्रति नाराजगी किसी से छिपी नहीं है। सोशल मीडिया पर इनके मीम चल रहे हैं जो यह बताने को काफी है कि व्यापारी सख्त नाराज हैं। व्यापारियों की सरकार से नाराजगी की बात से भाजपाई भी बेखबर नहीं है। इसी के चलते सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों और धरना स्थल पर संघियों को उतार दिए जाने की बात सुनने में आ रही है। भाजपाई भले ही मौके पर नजर ना आएं, लेकिन इस बात का ख्याल रखा जा रहा है कि कोई दूसरा व्यापारियों की मदद को ना आ जाए यदि आए तो उसके पांव उखाड़ दिए जाएं। सचिन सिरोजी, जीतू नागपाल, शैकी वर्मा सरीखे तमाम ऐसे नाम हैं जिनके पांव नहीं जनमे दिए गए। सचिन सिरोही की बात करें तो उन्होंने तो मेरठ बंद के बाद व्यापारियों की मदद को लेकर गला फाडने वालों को नसीहत तक दे डाली थी, वो बात शायद नागंवार गुजरी थी। समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने सेंट्रल मार्केट का मसला विधानसभा में उठाया, उसके बाद भी सेंट्रल मार्केट में सपाइयों को स्पेस नहीं मिल पा रहा। जबकि सपा और कांग्रेस नेता सेंट्रल मार्केट को लेकर सबसे ज्यादा मुखर नजर आ रहे हैं। हालत ये हो गयी है कि ना तो भाजपाई खुद वहां नजर आ रहे हैं ना ही सपा या कांग्रेस के नेताओं को कुछ करने दे रहे हैं।
मुखिया गुर्जर को लौटाया
आज मुखिया गुर्जर और विधायक अतुल प्रधान समेत समाजवादी पार्टी के तमाम नेता वहां पहुंचे थे। इससे पहले कि वहां सेंट्रल मार्केट की समस्या पर कुछ शुरूआत होती, वहां अचानक हो-हल्ला होने लगा कि राजनीति करने आ गए। मुखिया गुर्जर ने महिलाओं को समझने की कोशिश की कि वह राजनीति नहीं कर रहे हैं। वह व्यापारियों का दर्द बांटने आए हैं लेकिन महिलाएं कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थी। यह देख मुखिया गुर्जर चल दिए। उन्होंने कहा कि धरने को भाजपा के दलालों ने कैप्चर कर लिया है। जो विरोध कर रही हैं, क्या वह जवाब दे सकती हैं कि भाजपा के सांसद और विधायक कहां हैं। सपा विधायक अतुल प्रधान भी पहुंचे सेंट्रल मार्केट के धरने पर समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान भी दोपहर में पहुंच गए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लोग ही इस समस्या का समाधान निकाल सकते हैं। इसलिए जो भी दर्द बांटने आ रहा है, उसे रोक न जाए। वह खुद भी सदन में सेंट्रल मार्केट का मुद्दा उठा चुके हैं। राजनीतिक लोग ही इस मुद्दे पर जनता का साथ देंगे। उन्होंने उस प्रकरण का भी जिक्र किया जिसमें कमिश्नर ने जनता के हित में निर्णय दिया था। उन्होंने कहा कि सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के समक्ष लगातार वह मुद्दे को उठा रहे हैं।
सचिन सिरोही को भी लोगों ने वापस भेजा
धरने पर महिलाओं ने राजनीतिक मुद्दों से परहेज किया। इसी के चलते उन्होंने पहले सपा का विरोध किया। इसके बाद धरने पर पहुंचे हिंदूवादी नेता सचिन सिरोही को भी उन्होंने बोलने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक मंच नहीं है। महिलाएं अपने घरों को बचाने के लिए खुद निकल पड़ी है। वह अपनी लड़ाई स्वयं लड़ेंगी। महिलाओं की बात सुनने के बाद सचिन सिरोही वहां से निकल गए। हालांकि उनके कुछ साथी वहां धरने पर बैठे जरूर दिखे।
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