मेरठ। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री अरुण कुमार सिंह ‘मुन्ना के आकस्मिक निधन पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन स्व. धर्म दिवाकर पूर्व चैयरमैन, जिला सहकारी बैंक के निज आवास, पीएल शर्मा रोड पर किया गया। अध्यक्षता पूर्व विधायक राजेन्द्र शर्मा ने की। उन्होंने अरूण कुमार मुन्ना से जुड़ी तमाम यादों पर तफ्सील से रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि अरुण कुमार सिंह ‘मुन्ना ‘, जिन्हें छात्र-जीवन में ‘मुन्नाÓ कहा जाता था। 70 के दशक में श्री अरुण कुमार सिंह ‘मुन्ना लोकप्रिय छात्र नेताओं में से एक थे। वे इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र संघ उपाध्यक्ष व इसके उपरान्त छात्र संघ अध्यक्ष चुने गये।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय, समाजवादी युवजन सभा का एक प्रभावी विश्वविद्यालय था। श्यामकिशन पाण्डेय, सतीश अग्रवाल एवं मोहन सिंह, जो सभी समाजवादी युवजन सभा से जुड़े थे, 12 वर्षो तक निरन्तर विविद्यालय में युवजन सभा जीतते रहे। अरुण कुमार सिंह ‘मुन्नाÓ कांग्रेस समर्थित प्रथम विश्वविद्यालय अध्यक्ष चुने गये। छात्र- राजनीति के बाद हेमवती नन्दन बहुगुणा व नारायण दत्त तिवारी के मुख्यमंत्री कार्यकाल में नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंण्डिया की राजनीति में सक्रिय हो गये। श्रीमती इन्दिरा गांधी व राजीव गांधी से, श्री अरुण कुमार सिंह ‘मुन्नाÓ के अति करीबी सम्बन्ध थे। 1978-80 तक श्री अरुण कुमार सिंह ‘मुन्नाÓ उत्तर प्रदेश में युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे। इसके उपरान्त 1980-89 तक वीरबहादुर सिंह, वीपी सिंह एवं नारायण दत्त तिवारी के मुख्यमंत्री कार्यकाल में वे उत्तर प्रदेश में मंत्री रहे। मंत्रिमण्डल में वे पशुधन एवं सहकारिता मंत्री रहे।
राजेन्द्र शर्मा ने बताया कि उन्हें आज भी स्मरण है कि अरुण कुमार सिंह ‘मुन्नाÓ से मेरा प्रथम परिचय स्व. श्री अमरीश कुमार शर्मा जी के माध्यम से हुआ व सम्बन्ध निरन्तर प्रगाढ़ होते गये। मेरा ये सौभाग्य रहा कि जब श्री अरुण कुमार सिंह ‘मुन्नाÓ प्रदेश में कांग्रेस के अध्यक्ष थे, तब मैं युवा कांग्रेस एवं कांग्रेस का महामंत्री था। अरुण कुमार सिंह ‘मुन्नाÓ जब प्रदेश में सहकारिता मंत्री थे, तब उनके कार्यकाल में मेरठ को उनकी चिरस्मरणीय देन रही। उनके कार्यकाल में मेरठ जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष पं. धर्म दिवाकर रहे। सौभाग्य से मैं उस समय खरखौदा विधानसभा से विधायक था और हम लोगों के निवेदन पर अरुण कुमार सिंह ‘मुन्ना ‘, तत्कालीन सहकारिता मंत्री ने 3 शीत गृह (कोल्ड स्टोरेज), खरखौदा, सरावनी एवं पावटी में दिये । दुर्भाग्य से आज तीनों शीत गृह बंद पड़े हैं। इसके अतिरिक्त मेरठ में सहकारी बैंक की शाखाऐं. दौराला, जानी, गढ़ एवं बागपत में स्थापित की गयी। इसके लिए मेरठ सदैव उनका ऋणी रहेगा। अरुण कुमार सिंह ‘मुन्ना जी को मेरठ से बहुत लगाव था। मेरे 1985 के चुनाव में एक सप्ताह तक उन्होंने खरखौदा विधानसभा का गांव-गांव दौरा किया, जिससे मुझे विजय प्राप्ति में सफलता मिली।
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