नई दिल्ली। अमेरिकनों द्वारा एक ईरानी केेंटर को पकड़ लिया जाना बताया जा रहा है, इस बात से ईरान सख्त नाराज है। ईरान ने ने साफ कहा हे कि उसका अमेरिका के साथ वार्ता के एक नए दौर के लिए इस्लामाबाद में वार्ताकारों को भेजने की कोई योजना नहीं है, जिससे युद्धरत देशों के बीच कई दिनों तक चलने वाली वार्ता की पाकिस्तान की योजना को खतरा पैदा हो गया है, जबकि नाजुक युद्धविराम की समय सीमा समाप्त होने में 48 घंटे से भी कम समय बचा है। अमेरिकनों की एक हिमाकत ने संभावित बातचीत पर पानी फेर दिया है। वहीं दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ चल रही लड़ाई से निकने के अरसमान अभी पूरे होने नजर नहीं आ रहे हैं, क्योंकि ईरान ने अमेरिका से फिलहाल किसी प्रकार की बात को एक सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी प्रवक्ता ने अमेरिका के वार्ताकारों को कन्फ्यूज करा देते हुए कहा है कि वो खुद नहीं जानते कि क्या बात करना चाहते हैं साथ ही ईरान ने दुनिया को बता दिया है कि यदि किसी भी देश का जहाज केवल उसके मित्र देशों को छोड़कर यदि स्ट्रेट होर्मूज से गुजरने की गलती करेगा तो उसको ईरानी मिसाइलों से डूबो दिया जाएगा। इस सारे फसाद की जड़ अ
सारा कसूर अमेरिका का
संभावित वार्ता पर एकाएक मंडराए संकट की वजह अमेरिका को बताया जा रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने सोमवार को कहा कि वाशिंगटन ने “युद्धविराम के लागू होने के समय से ही इसका उल्लंघन किया है”, उन्होंने 13 अप्रैल से होर्मुज जलडमरूमध्य की अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी और अमेरिकी सेना द्वारा रातोंरात एक ईरानी कंटेनर जहाज पर कब्जा करने को युद्धविराम के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
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