मेरठ। पीवीवीएनएल एमडी ने संविदा कर्मचारियों को लेकर जो पत्र शासन को भेजा है, विद्युत संविदा कर्मचारी महासंघ उससे इत्तेफाक नहीं रखता है। कर्मचारी संघ का मानना है कि यदि शासन ने एमडी के पत्र को ही कानून मान लिया तो संविदा कर्मचारियों को आउटसोर्स निगम द्वारा निर्धारित मानक वेतनमान का लाभ नहीं मिल सकेगा। इसी मुद्दे को लेकर अध्यक्ष ठाकुर भूपेन्द्र सिंह के नेतृत्व में एक ज्ञापन प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा को प्रेषित किया गया।
यह है आपत्ति
विद्युत संविदा कर्मचारी महासंघ उत्तर प्रदेश ने जो ज्ञापन भेजा है उसमें कहा गया है कि उप्र पावर कारपोरेशन लि. के प्रबन्ध निदेशक द्वारा उ.प्र. शासन को पत्र लिखकर प्रदेश के विभिन्न विद्युत वितरण निगमों में कार्यरत लगभग 78000 संविदा कर्मियों को राज्य सरकार द्वारा गठित आउटसोर्स निगम के अर्न्तगत शामिल न किये जाने का शासन से आग्रह किया गया है। यदि ऊर्जा निगमों के संविदा कर्मियों को आउटसोर्स निगम से बाहर रखा जाता है, तो उन्हें तमाम सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा। इसके बाद संविदा कर्मियों को आउटसोर्स निगम द्वारा निर्धारित मानक वेतन का लाभ प्राप्त नहीं हो सकेगा। विभाग द्वारा सीधे भुगतान की सुविधा से वंचित रहना पड़ेगा तथा वर्तमान की तरह ठेकेदा के माध्यम से ही भुगतान प्राप्त होता रहेगा तथा ईपीएफ का भुगतान विभाग द्वारा किया जाएगा, जबकि वर्तमान में ठेकेदार द्वारा किया जाता है। उ0प्र0 पावर कारपोरेशन में संविदा कर्मियों के लिए कोई सेवा नियमावली नही जबकि आउटसोर्स निगम के अर्न्तगत नियमावली बनाए जाने की बात कही गयी है। वर्तमान में संविदा कर्मियों की मनमानी छंटनी की घटनाएं लगातार हो रही हैं। आउटसो निगम में शामिल होने से उन्हें सेवा सुरक्षा प्राप्त होने की सम्भावनाएं है।
बात मानो बर्ना कार्य बहिष्कार
विद्युत संविदा कर्मचारी महासंघ उत्तर प्रदेश ने मांग की है कि ऊर्जा निगमों के संविदा कर्मियों को शोषण से बचाने तथा उन्हें उचित वेतन, सामाजिक सुरक्षा एवं सेवा स्थिरता करने हेतु राज्य सरकार द्वारा गठित आउटसोर्स निगम में सम्मिलित किये जाने की कृपा करे। अन्यथा की स्थिति में महासंघ से जुड़े सभी घटक संगठनों द्वारा निम्नलिखित चरणवद्ध आन्दोलन किये जाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। अध्यक्ष ठाकुर भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि आज प्रदेश भर के जिला मुख्यालयों पर इसको लेकर विरोध प्रदर्शन व ज्ञापन दिए गए हैं। ७ मई को प्रदेश के हर जिले में एकद्विवसीय कार्य बहिष्कार। यदि इसके पश्चात भी न्यायोचित निर्णय नहीं लिया जाता है, तो महासंघ प्रदेश के प्रत्येक में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करने के लिए विवश होगा। इस मौके पर अध्यक्ष ठाकुर भूपेन्द्र सिंह के अलावा अमित खारी, सचिन, धमेंन्द्र, मुदसिर, रवीश, विनोद, कृष्ण पाल व ब्रह्मपाल के अलावा सैकड़ों की संख्या में संविदा कर्मचारी भी मौजूद रहे।
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