नई दिल्ली। बिहार के सिवान में शातिर माफिया चंदन गिरोह की बंदूकों से निकली गोलियों की आवाजें दिल्ली तक सुनाई दी हैं। वहीं दूसरी ओर सिवान में इस घटना के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है। आलम यह है कि खौफ के चलते लोग घरों से नहींं निकल पा रहे हैं। शाहबुद्दीन की दुनिया से विदाई के बाद यह पहला मौका है जब सिवान गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा है। ऐसा नहीं है कि पहले यहां गोलियां नहीं चलती थींं, यहां पहले भी गाेलियां चला करती थीं। गोलियों बंदूकों का तो सिवान से चोली दामन का साथ है, लेकिन इस बार गोलियों का चलाना खास मायने इसलिए रख रहा है क्योंकि लोग पूछ रहे हैं कि क्या सिवान का नया शहनशाह पैदा हो गया है। शाहबुद्दीन के बाद क्या अब सिवान की पहचान चंदन सिंह के नाम से हुआ करेगी। यह वही चंदन सिंह है जिसको दो साल पहले पुलिस ने अरेस्ट किया था। अरेस्टिंग के नाम पर जो नाटक हुआ था वो आज भी लोगों काे याद है। वो भूले नहीं हैं।
मामूसी सी घटना
बंदूकों से गोलीियां गोलियां उगलने की पीछे बेहद मामूली सी घटना बतायी जाती है। एक आटो चालक से यह विवाद हुआ बताया जाता है। इसी विवाद के चलते सिवान गोलियों से गूुंज उठा। हालांकि अच्छी बात यह है कि दिल्ली में बैठे अफसरों ने घटना पर बिहार के अफसरों से रिपोर्ट तलब कर ली है।
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