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CCSU में बदली पंजीकरण प्रणाली, छात्रों को हो रही मुश्किलें, कॉलेजों ने उठाई आपत्ति

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मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) में इस वर्ष स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पंजीकरण प्रक्रिया में बदलाव के कारण छात्रों और महाविद्यालयों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समर्थ पोर्टल पर तकनीकी खामियों और सीमित विकल्पों की वजह से छात्र पंजीकरण में गलती कर रहे हैं, वहीं कॉलेजों ने भी प्रक्रिया को लेकर गहरी चिंता जताई है।

प्रमुख समस्याएं:

                •             छात्रों को सिर्फ एक कॉलेज चुनने की अनुमति दी जा रही है, जबकि पहले तीन विकल्प होते थे।

                •             पंजीकरण के दौरान विवरण संशोधन की सुविधा नहीं है, यहां तक कि शुल्क भुगतान तक भी नहीं।

                •             इंटरमीडिएट का अनुक्रमांक भरने के बावजूद छात्र का पूरा विवरण स्वतः नहीं आता, जिससे उन्हें पूरा विवरण अंक व प्रतिशत सहित भरना पड़ रहा है।

                •             इससे गलतियों की संभावना बढ़ गई है और छात्रों की मानसिक तनाव भी।

कॉलेजों की आपत्तियाँ:

                •             सीट मैट्रिक्स विषयवार स्पष्ट नहीं है, जिससे संस्थानों में सीट आवंटन असंतुलित हो सकता है।

                •             कई कॉलेजों को लॉगिन पासवर्ड नहीं मिला है, जिससे वे अपने संस्थान में हुए पंजीकरण नहीं देख पा रहे।

                •             प्रवेश पोर्टल पर अभी तक कई कॉलेजों के नाम भी नहीं दिख रहे, जिससे छात्र और संस्थान दोनों असमंजस में हैं।

 संगठन की मांग:

स्ववित्तपोषित महाविद्यालय महासंघ ने विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर मांग की है कि:

                1.            पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।

                2.            कॉलेज चयन की संख्या बढ़ाई जाए।

                3.            अंतिम भुगतान तक फॉर्म संशोधन की सुविधा दी जाए।

                4.            इंटरमीडिएट का ऑटोमेटेड विवरण उपलब्ध कराया जाए।

                5.            सीट मैट्रिक्स पारदर्शी की जाए।

                6.            कॉलेजों को तत्काल लॉगिन एक्सेस दिया जाए।

विश्वविद्यालय का पक्ष:

प्रवेश समन्वयक प्रो. भूपेंद्र सिंह राणा ने बताया कि कॉलेजों से मिली शिकायतों को समर्थ टीम से साझा किया जाएगा और मंगलवार तक समाधान की कोशिश की जाएगी।

विश्वविद्यालय का यह तकनीकी बदलाव यदि समय पर दुरुस्त नहीं किया गया तो न केवल छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है, बल्कि संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया भी बाधित हो सकती है। इसलिए छात्रों की सुविधा और पारदर्शिता के लिए तत्काल सुधार आवश्यक है।

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